बसना की पावन धरा पर ‘सोमनाथ’ का प्राकट्य, बैजनाथ धाम के संतों का विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने किया भव्य स्वागत

बसना। आज बसना की माटी उस समय धन्य हो गई, जब देवों के देव महादेव की ऊर्जा लेकर बैजनाथ धाम से पधारे सिद्ध संतों के चरण यहाँ पड़े। अवसर था सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन, भव्य रुद्रपूजा एवं सत्संग का, जिसने संपूर्ण क्षेत्र को शिवमय और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया।
बैजनाथ धाम से पधारे श्रद्धेय प्रणवानंद स्वामी महाराज एवं प्यारेलाल बाबा महाराज का बसना आगमन किसी उत्सव से कम नहीं था। विधायक कार्यालय में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की दिव्य प्रतिमा के पहुँचते ही वातावरण जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए संतों का पाद-पूजन किया और पुष्प वर्षा कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात शिव-शक्ति के दूतों का धरा पर अवतरण हुआ हो।
इस पावन अवसर पर विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अत्यंत भावुक और ओजस्वी शब्दों में अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का दर्शन और यह रुद्रपूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह साक्षात शक्ति और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति का द्वार है। यह वह पावन स्थल है जहाँ श्रद्धा, ऊर्जा और चेतना का त्रिवेणी संगम हो रहा है।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने आगे कहा कि जैसे चंद्रमा शिव के मस्तक पर सुशोभित होकर शीतलता प्रदान करते हैं, वैसे ही इन संतों का आगमन हमारे बसना क्षेत्र की जनता के जीवन में शांति और समृद्धि का संचार करेगा। सोमनाथ महादेव की यह दिव्य प्रतिमा हमारे संकल्पों को सिद्ध करने वाली और धर्म की पुनर्स्थापना करने वाली ऊर्जा का केंद्र है।
विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि महाराज जी का यह विशेष आशीर्वाद ही है कि आज हमें घर बैठे ज्योतिर्लिंग के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह स्वामी जी की कृपा दृष्टि ही है, जो हमें सेवा पथ पर अडिग रहने की शक्ति प्रदान करती है। संतों के सान्निध्य में ही जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है, और आज बसना की जनता इस पुण्य लाभ की साक्षी बन रही है।
इस अवसर पर राकेश चतुर्वेदी,अनुराग वर्मा,अंकित अग्रवाल,सरोज अग्रवाल, सुमित अग्रवाल,सोनिया अग्रवाल, अमित अग्रवाल, देवाशीष चौधरी,भगवान शाम वेदी,मोहित पटेल, कामेश बंजारा, आकाश सिन्हा,विकास वाधवा,विजय पटेल, सुशील अग्रवाल ,बड़ी संख्या में श्रद्धालु, प्रबुद्ध जन और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ‘मिनी सोमनाथ’ दर्शन के महाकुंभ में डुबकी लगाई।




