Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

आत्मसमर्पित नक्सली स्वरूपा ने गोंडी में लिखा बचे हुए माओवादी साथियों के लिए मार्मिक पत्र, मुख्यधारा में लौटने की अपील की…

कांकेर। धीरे-धीरे कर तमाम सक्रिय नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा में लौट रहे हैं. लेकिन अब भी कई नक्सली बचे हुए हैं, जिन्होंने सरेंडर नहीं किया है. ऐसे ही साथियों के लिए आत्मसमर्पित नक्सली स्वरूपा ने गोंडी भाषा में मार्मिक पत्र लिखा है.

एक दिन पहले ही नक्सलवाद से नाता तोड़ मुख्यधारा में हुई स्वरूपा ने परतापुर एरिया कमेटी के कामरेड चंदर रूपी के नाम गोंडी भाषा में पत्र लिखा है, जिसमें बचे हुए माओवादियों को मरने से बचने के लिए मुख्यधारा में लौटने अपील की है. बता दें कि कांकेर जिले में अभी भी 19 माओवादी सक्रिय हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वरूप से पत्र से प्रेरित होकर शेष नक्सलियों भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे.

कांकेर जिले में पिछले दो दिनों के भीतर 6 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करते हुए मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. इनमें राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 5 माओवादी कैडर और PLGA कंपनी-05 के 1 कैडर शामिल हैं.

आत्मसमर्पण करने वालों में ACM रैंक के मंगेश पोडियमी, गणेश वीके, मंगती जुर्री, हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, राजे और PPCM स्वरूपा उसेंडी शामिल हैं. इन माओवादियों ने कुल 3 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है, जिनमें एक SLR और दो .303 राइफल शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, इन कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता दी जाएगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button