जिले में किसानों के लिए पर्याप्त यूरिया उपलब्ध
सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में कालाबाजारी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्यवाही
रायपुर, 30 मई 2026। अब किसान जिले के सहकारी समितियों और निजी दुकानों से यूरिया प्राप्त कर सकते हैं। रायपुर जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भंडारण किया गया है एवं कृषि विभाग द्वारा सभी सहकारी समितियों और निजी दुकानों में पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों के विक्रय के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भंडारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारी लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की निगरानी कर रहे हैं।
जिले में 31 हजार 600 मीट्रिक टन यूरिया के लक्ष्य के विरुद्ध 32 हजार 549 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है एवं भंडारित यूरिया में से 31 हजार 123 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कुल भंडारण का 96 प्रतिशत है।
विभाग द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर हरी खाद के लिए ढैंचा एवं मूंग के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में 1000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर बीज वितरण किया जा रहा है।
उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की शिकायत मिले तो इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दें, ताकि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
शासन के निर्देशानुसार किसानों को समितियों के माध्यम से गत वर्ष वितरित यूरिया की मात्रा का 80 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया की उपलब्धता के अनुसार अथवा विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के माध्यम से दी जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा प्रदान की जाएगी तथा शेष 40 प्रतिशत मात्रा वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों अथवा नैनो डीएपी के रूप में प्रदान की जाएगी। किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा तथा इसका उपयोग पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा।


