Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

बिजली बिल बकाया रखने वाले IAS अधिकारी और रसूखदारों पर कांग्रेस का हमला, प्रतिनिधिमंडल ने CSEB एमडी को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल ने सीएसईबी के एमडी भीम सिंह से मुलाकात कर करोड़ों रुपए की बकाई बिजली बिल जो कई माह से रसूखदारों ने नहीं पटाई है उनके साथ अलग सदव्यवहार क्यों किया जा रहा है पूछा। जबकि मंत्री ,सांसद आईएएस अधिकारी सरकारी सहोलियतों का पूरा लाभ लेने के बावजूद बिजली बिल नहीं पटाना अपने साख पर प्रश्न लगाने जैसा है,, इन सब रसूखदारों को अलग से भत्ता की राशि दी जाती है उसके बावजूद बिजली बिल नहीं पटा रहे हैं।

रोज जनता में जाकर भाषण देकर लोगों को कभी बाबा घासीदास जी के मार्ग पर चलने की बात कहते हैं कभी वीर सावरकर को आत्मसात करने की बात करते हैं और खुद अपने घर का बिजली बिल नहीं पटा कर क्या बताना चाहते हैं समझ से परे हैं ।पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया है कि मंत्री आईएएस अधिकारियों को हर 2 महीने बाद नोटिस भी जारी की गई थी, लेकिन उसके बावजूद सरकार में अपनी पहुंच का एहसास करने में लगे हैं।

बिजली विभाग लगातार हजारों करोड़ के घाटे में इसीलिए जा रही है जिसकी पूर्ति आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ाकर तथा लोन लेकर की जा रही है, जनता के पैसे से ब्याज भरा जा रहा है जो शर्मसार करने वाले है, प्रमोद दुबे ने कहा है कि बड़े बिल्डर एवं कुछ ऐसे नाम चिन लोग हैं जिनके 10 लाख से ज्यादा बिजली बिल बकाया है लेकिन उनके ऊपर क्यों करवाई नहीं की जा रही है समझ से परे हैं ।कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन ने कहा है कि 7 दिन के अंदर अगर रसुकदारों से बिजली बिल नहीं ली गई तो उनके घर के सामने नगाड़ा बजाकर लोगों को बताया जाएगा कि यह सुविधाभोगी है और बिजली का बिल और टैक्स नहीं पटाते हैं।

पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा एवं गिरीश दुबे ने कहा कि नगर निगम के बोर से जनता को पानी दिया जाता है उनसे क्यों कॉमर्शियल टैक्स लिया जाता है जबकि वह जनसेवा की श्रेणी में आता है जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के ही 2500 करोड़ बकाया है कई नाम ऐसे हैं जो बड़े बिल्डर हैं या जिनके कई मैरिज पैलेस हैं। प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा है कि अगले कदम के रूप में उन रसूखदारों के घर मे उनके बिल को चस्पा किया जाएगा ताकि जनता को उनकी हकीकत का पता चले।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button