कलेक्टर ने ली अभनपुर राजस्व अनुविभाग की समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में करें निराकरण, अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाई

रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज अभनपुर राजस्व अनुविभाग के भू-अभिलेख एवं राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व रिकॉर्ड शत-प्रतिशत अद्यतन किए जाएं तथा राजस्व सेवाओं को लेकर आमजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (आरआई) एवं पटवारी उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। इसके साथ ही जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र तथा आरबीसी 6-4 से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने खातों की 100 प्रतिशत बकेटिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खसरा नंबर की संबंधित किसान के नाम से सही मैपिंग की जाए, ताकि किसानों का रिकॉर्ड त्रुटिरहित एवं प्रामाणिक रहे। उन्होंने पटवारीवार बकेटिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वामित्व योजना की भी पटवारीवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पट्टा वितरण सुनिश्चित करने तथा योजना की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर, मोबाइल नंबर, जेंडर सहित सभी आवश्यक प्रविष्टियों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग के मामलों में तत्काल प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) तथा अन्य लंबित ऑनलाइन राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर ऑनलाइन रिकॉर्ड समय पर अद्यतन करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम अभनपुर रवि सिंह सहित अभनपुर राजस्व अनुविभाग के राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।




