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छत्तीसगढ़

नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम: सुरक्षा बल के जवानों ने बरामद किया माओवादियों का डंप, 5KG के IED समेत बड़ी मात्रा में हथियार बरामद

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘गढ़’ गोगुंडा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी है. आज गुरुवार को सीआरपीएफ 74वीं बटालियन और कोबरा 201 के जवानों ने एक संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों के हथियारों के डंप को बरामद कर उनकी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है.

एरिया डोमिनेशन के दौरान मिला हथियारों का डंप

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन पर निकले थे. इसी दौरान गोगुंडा पहाड़ के दूसरे छोर पर जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों का एक बड़ा डंप मिला. तलाशी के दौरान वहां से 5 किलो वजनी एक शक्तिशाली बम (IED) भी बरामद किया गया. नक्सलियों ने यह बम जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (Defuse) कर दिया.

नक्सली कंमांडर रमन्ना के स्मारक को किया था जमींदोज

बता दें, बीते दिन (बुधवार को) भी सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सली कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ढहाया था. जिसके बाद आज भी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और डॉमिनेशन जारी है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के बीच घबराहट साफ देखी जा रही है. वर्षों से माओवादियों के खौफ में जी रहे गोगुंडा के ग्रामीणों में अब सुरक्षाबलों की मौजूदगी से सुरक्षा का भाव लौट रहा है.

इस सफलता पर सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि “हमारा प्राथमिक लक्ष्य पूरे इलाके को नक्सल भय से मुक्त बनाना है. गोगुंडा की पहाड़ियों में शांति और विकास की दस्तक शुरू हो चुकी है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शांति पूरी तरह बहाल न हो जाए.”

40 साल बाद इस इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित होने के बाद अब यहां विकास कार्यों की राह आसान हो गई है. लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली बैकफुट पर हैं, जिससे क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने की उम्मीद जगी है.

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