
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के शामिल होने पर तंज कसा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस ये लोग मानते नहीं है, उसमें कोई कार्यक्रम भी नहीं करते हैं, और ना ही भाजपा के लोग शामिल होते हैं. दरअसल, भाजपा को आदिवासी शब्द से नफरत है. वनवासी शब्द का जब से राहुल गांधी ने विरोध किया, तब से वो जनजातीय कर दिए.
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दीपावली मिलन समारोह में शामिल होकर दिल्ली से रायपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नितिन नवीन पर हमला जारी रखते हुए कहा कि वे अब छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, तो कुछ ना कुछ ऊल-जलूल बोलेंगे. भाजपा के नेताओं के बोल बिगड़े हुए हैं. अमित शाह जी का भी संतुलन बिगड़ा हुआ है. लोकसभा में वह कहते हैं, आप एसआईआर पर चर्चा नहीं कर सकते और यहां चुनौती दे रहे हैं कि राहुल गांधी को एसआईआर पर चर्चा कर ले.
राहुल गांधी के निवास पर दीपावली मिलन समारोह को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि शॉर्ट नोटिस में बहुत सारे नेताओं को निमंत्रण दिया गया था. बहुत से लोग उपस्थित हुए. बहुत अच्छा कार्यक्रम रहा. सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सभी लोग उपस्थित थे. सभी नेताओं से मुलाकात हुई.
एसआईआर पर विजय शर्मा के बयान पर पलटवार
वहीं एसआईआर को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि वो उप मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन उनको संवैधानिक व्यवस्थाओं के बारे में समझ नहीं है. वह एक मुस्लिम व्यक्ति का नाम लेकर बोलते हैं कि एक बार नहीं 10 बार नाम काटेंगे, इसका मतलब क्या है?
उन्होंने कहा कि विजय शर्मा जिस पद में बैठे हैं, वह स्वीकार कर रहे हैं कि निर्वाचन आयोग उनकी जेब में है. यानी निर्वाचन आयोग सरकार के अधीन है. भारत निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के अधीन है, राज्य निर्वाचन आयोग छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन है, यही वह कह रहे हैं, हमारा आरोप भी यही है.




