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धान खरीदी में आ रही तकनीकी दिक्कतों और टोकन की किल्लत को लेकर विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने जताई नाराजगी, बोले-किसान की मेहनत से समझौता नहीं होगा

सना। जनसेवा और संवेदनशीलता के पर्याय बन चुके बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में समस्याओं का त्वरित निराकरण क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत का केंद्र बना हुआ है। विधायक कार्यालय में बड़ी संख्या में किसान अपनी व्यथा लेकर पहुँचे, जहाँ विधायक डॉ. अग्रवाल ने न केवल उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि तत्काल उच्च स्तरीय हस्तक्षेप कर किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की पहल की।

क्षेत्र के अन्नदाताओं किसानों ने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल को अवगत कराया कि वर्तमान में धान खरीदी टोकन, टोकन की कम लिमिट और पोर्टल की तकनीकी अड़चनों के कारण उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। समय-सीमा नजदीक होने और टोकन कटने में हो रही देरी से किसानों को अपनी फसल के विक्रय और आगामी आर्थिक योजना बनाने में कठिनाई आ रही थी।

किसानों की वास्तविक पीड़ा को देखते हुए डॉ. संपत अग्रवाल ने बिना विलंब किए संबंधित विभागीय मंत्री एवं महासमुंद कलेक्टर से संपर्क साधा और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों पर टोकन की सीमा बढ़ाई जाए ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे। पोर्टल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आ रही बाधाओं को युद्ध स्तर पर दूर किया जाए। किसानों को मंडियों में भटकना न पड़े, इसके लिए सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने किसानों से कहा कि धान खरीदी केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे अन्नदाताओं के पूरे साल की मेहनत और उनकी आजीविका का आधार है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी बहाना स्वीकार्य नहीं है। किसानों के हक के लिए मैं शासन और प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती से खड़ा हूँ।

विधायक के इस सक्रिय और प्रभावशाली रुख से किसानों में एक नया विश्वास जगा है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. संपत अग्रवाल ने सदैव एक अभिभावक की तरह उनकी समस्याओं को समझा है। यह पहल न केवल किसान हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि बसना को एक जागरूक और कर्मठ जनप्रतिनिधि मिला है।

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