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छत्तीसगढ़

दीपक बैज का विवादित बयान, कहा – मोदी, मेलोनी के साथ गए हैं हनीमून मनाने, वेडिंग शूट की तरह वायरल हो रही तस्वीरें

रायपुर। प्रधानमंत्री मोदी-मेलोनी को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ऐसा लग रहा है जैसे पीएम मोदी, मेलोनी के साथ हनीमून मनाने गए हैं। वेडिंग शूट की तरह मोदी और मेलोनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई है।

प्रदेश में खाद की कमी पर बैज ने कहा, सोसायटी में खाद नहीं मिल रहा। किसान परेशान हैं। सरकार बताएं कि किसानों के लिए उपयोग होने वाले खाद का स्टॉक कितना है। कमी से लड़ने अतिरिक्त व्यवस्था क्या है।

सरकार बताए कमिश्नरी प्रणाली से रायपुर को क्या फायदा हुआ?

दुर्ग-बिलासपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली फेल है और गृहमंत्री ने दुर्ग और बिलासपुर में भी लागू करने की बात कही है। यह फेलियर सिस्टम है। इसे रायपुर में क्यों लागू किया गया? अपराधों में कमी नहीं आई, बल्कि अपराध बढ़ गए। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक का फोन चोरी हो जाता है। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से रायपुर को क्या फायदा हुआ, सरकार बताए।

सरपंच इस्तीफा दे रहे, बजट का पैसा कहां जा रहा?

अंतागढ़ में 55 सरपंचों के इस्तीफे पर दीपक बैज ने कहा, चुने हुए सरपंच परेशान हैं। कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा। बजट का पैसा कहां जा रहा। अंतागढ़ के 55 से अधिक सरपंचों ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। ढाई साल में सरकार में कोई काम नहीं हुआ है।

डिप्टी सीएम साव के बयान पर पलटवार

डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर बैज ने कहा, अरुण साव को पाकिस्तान में जाकर रहना चाहिए। आप पाकिस्तान के उपमुख्यमंत्री नहीं, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री हैं। आपको देश की बात करनी चाहिए। पाकिस्तान और बांग्लादेश की बात नहीं करनी चाहिए। महंगाई बढ़ाने के अलावा क्या किया है। आम जनता पहले से मुसीबत में है। यह जले पर नमक छिड़कने वाला बयान है।

भाजपा पहले अपने गिरेबान में झांके

कांग्रेस कार्यकारिणी गठन को लेकर दीपक बैज ने कहा, भाजपा पहले अपने गिरेबान में झांके। रामविचार नेताम को कार्यसमिति की बैठक से बाहर किया गया। वे कांग्रेस की बात कर रहे हैं। कार्यकारिणी गठन के लिए वरिष्ठ नेताओं से चर्चा चल रही है। उसकी चिंता बीजेपी को करने की जरूरत नहीं है। बीजेपी में अब तक कई निगम-मंडल में नियुक्तियां नहीं हुईं। कार्यकर्ता धूप में मेहनत कर रहे और नियुक्ति का इंतजार कर रहे।

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