छत्तीसगढ़ विधानसभा: “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे भूपेश ने ठगा नहीं” अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सीएम साय ने विपक्ष पर साधा जमकर निशाना

रायपुर। मुझे भूपेश बघेल के कुशासन के 5 साल याद आते हैं. उस दौरान केवल एक ही संवाद चलता था—ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे भूपेश बघेल ने ठगा नहीं. छत्तीसगढ़ की जनता को तो छोड़िए, इन्होंने अपने लोगों के साथ भी न्याय नहीं किया. वहीं हम लोग पिछले दो सालों से संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा कर रहे हैं. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कही.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इनकी योजनाएं कागजों पर बनीं और वहीं सिमट कर रह गईं. इन्होंने “नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी” का नारा दिया था. इन चारों की स्थिति क्या हुई, यह छत्तीसगढ़ की जनता अच्छी तरह जानती है. सब जानते हैं कि कांग्रेस के नेताओं ने शराब दुकानों में दो काउंटर खोल रखे थे—एक विभाग का और दूसरा उनका अपना. पैसा कहां-कहां जाता था, यह सबको मालूम है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने डिजिटल गवर्नेंस और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर लीक खत्म की. इससे जनता की मेहनत की कमाई का पैसा अब जनकल्याण में खर्च हो रहा है. उनकी सरकार में आबकारी विभाग का राजस्व लगभग 5,110 करोड़ था. हमारी सरकार में इस साल का अनुमान लगभग 11,000 करोड़ का है. यह अंतर इसलिए है, क्योंकि हमने फर्जीवाड़ा को समाप्त किया.
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद को लेकर कहा कि हमने मार्च तक माओवादी आतंक के अंत का लक्ष्य रखा है, और इस दिशा में हमने सफलतापूर्वक कार्य किया है. 120 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. कई लोगों ने हथियार छोड़कर संविधान का रास्ता अपनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हमने माओवाद के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ी. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को मजबूती देकर हम शांति के साथ पुनर्निर्माण और समग्र विकास के लक्ष्य को साकार कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने खनिज संसाधन विभाग का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक विकास सुनिश्चित करने और लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में प्रदेश के खनिज राजस्व की महत्वपूर्ण भूमिका है. दुर्भाग्य से कांग्रेस के पांच सालों में इस क्षेत्र की प्रगति रुक गई. ऐसा नहीं था कि हमारी धरती में संसाधनों की कमी थी, बल्कि समस्या यह थी कि इन संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया गया. यह कोई सामान्य भ्रष्टाचार नहीं था, बल्कि ऐसा भ्रष्टाचार था जिसकी मिसाल कहीं नहीं मिलती. ट्रांजिट पास को ऑनलाइन करने के बजाय मैन्युअल रखकर बड़े पैमाने पर घोटाले किए गए.
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डीएमएफ के काम के लिए कलेक्टरों के पास फोन जाते थे, और नियमों की धज्जियां उड़ाकर गुमवत्ताविहिन खरीदी की जाती थी, और डीएमएफ संहिता के विरुद्ध गैरजरूरी कार्यों में राशि खपा दी जाती थी. इसकी राष्ट्रीय स्तर पर जांच हो रही है, और बंदरबांट के नए-नए खुलासे हो रहे हैं. हमारी सरकार ने डीएमएफ को पारदर्शी बनाया है. दो वर्षों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि प्राप्त हुई. 19,000 से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए.
राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं. हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं. मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन अनुसंधान संस्थान देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार जब हम प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे, हमने राज्य की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के बारे में कांग्रेस की सरकार को बार-बार आगाह किया था, भविष्य में बढ़ते औद्योगीकरण, किसानों की जरूरतों के अनुरूप और आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए यह बहुत जरूरी था. आगामी दस वर्षों के ऊर्जा खपत को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार इस बात का भरसक प्रयास कर रही है कि प्रदेश ऊर्जा उत्पादन में देश का नेतृत्वकर्ता राज्य बने.
उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि बिजली उत्पादक बनकर रियायती बिजली से जीरो बिजली बिल की ओर बढ़ें. उन्होंने कहा कि कोरोना काल की वजह से एवं अन्य आर्थिक कठिनाइयों की वजह से अनेक उपभोक्ताओं की बिजली बिल की राशि बकाया थी. ऐसे 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से मूल राशि तथा अधिभार में छूट देते बिल भुगतान की सुविधा दी जा रही है.
विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए बुनियादी सुविधाओं के काम हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवेदनशीलता की वजह से संभव हो रहे हैं, जब भी भारत में पीवीटीजी की बेहतरी का इतिहास लिखा जाएगा, मोदी का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा. हम पीएम जनमन योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत इनकी बस्तियों में बिजली पहुंचाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि अपने पांच साल के कार्यकाल में इन्होंने मंत्रालय की सूरत पांच बार भी नहीं देखी होगी, कोविड के बाद तो शायद एक बार भी ये लोग वहां नहीं गये.
प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कभी दौरे पर होता हूँ और जरूरी फाइल हो तो मुझे रायपुर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं. जहां हूँ, वहीं ई- आफिस के माध्यम से फाइलों का निपटारा कर लेता हूँ. हमारे अधिकारी अवकाश में हो या दौरे पर हों, कहीं से भी ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का निपटारा कर लेते हैं. ट्रेनिंग और टेक्नोलाजी से हम प्रशासनिक तंत्र को ट्रांसफार्म कर रहें हैं जिसके बल पर हम विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक बढ़ रहे हैं.
नए जमाने के साथ सरकार के कदमताल का जिक्र करते हुए कहा कि हमने मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि रखी है. इसके माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों, आईटीआई एवं पॉलेक्टिनिक में एआई डेटा लैब्स तथा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जिससे हमारे बच्चे एवं युवा पीढ़ी एआई से जुड़कर इसका लाभ उठा पाएंगे. साथ ही इससे शासकीय कामकाज में भी एआई का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नागरिकों को आसानी से शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो सकेगी.
फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपस में हमारे मतभेद हो सकते हैं लेकिन जब घर में मेहमान आते हैं तो उनके सामने हम कभी इसे प्रकट नहीं करते, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने एआई समिट में ऐसी अभद्रता की जिसका इतिहास में कोई सानी नहीं है.
राज्य के युवाओं के साथ हुए अन्याय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं किसी भी राज्य की प्रशासनिक प्रणाली का आधार होती है, इन्होंने सिस्टम में ऐसे भ्रष्टाचारी बिठाये कि वे हमारी सिविल सेवा के ढांचे को खोखला करने लगे. हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और अब युवाओं के अवसर छीनने वाले अपराधी सलाखों के पीछे हैं.
मीडिया का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कई जगह तो पत्रकारों पर झूठे मुकदमें दर्ज किए गए. यहां तक की उन्हें जेल भेजा गया. कई पत्रकारों को नौकरी से भी निकलवाया गया. यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के काले कारनामों को उजागर किया. जब हमारी सरकार आई तो आम जनता को इस कुशासन से मुक्ति मिली ही, पत्रकारों को भी सुखद अनुभव हुआ और उन्होंने महसूस किया कि दूसरी इमरजेंसी जैसा दौर समाप्त हुआ.




