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नक्सलवाद खत्म करने के दावे पर कांग्रेस के सवाल, 17 मार्च को विधानसभा घेराव का ऐलान

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर नक्सलवाद, कानून व्यवस्था, महंगाई और गैस संकट को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सलवाद खत्म करने के सरकारी दावों का स्वागत तो किया है, लेकिन उन्होंने कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

बैज ने कहा कि अगर सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी। किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी और किसी निर्दोष को फर्जी नक्सली बताकर जेल नहीं भेजा जाएगा या एनकाउंटर नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदेश के खनिज संसाधनों को निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा।

प्रदेश में अफीम की खेती को लेकर भी कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज का कहना है कि कभी धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ को अब अफीम का कटोरा बनाया जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की किल्लत को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है, जिसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर चल रही बहस के बीच अब इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साल 2016 से ही सरकारें नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन देती रही हैं। ऐसे में अगर इस बार सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो कांग्रेस इसका स्वागत करती है, क्योंकि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति आना बेहद जरूरी है, लेकिन बैज ने सरकार से कई गंभीर सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने कहा कि क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी और किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या निर्दोष लोगों को फर्जी नक्सली बताकर जेल भेजने या एनकाउंटर करने जैसी घटनाएं पूरी तरह बंद हो जाएगी।

‘खनिजों को निजी कंपनियों को बेचने का सिलसिला नहीं चलेगा’

बैज ने खनिज संसाधनों के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश के खनिजों को निजी कंपनियों को बेचने का सिलसिला नहीं चलेगा। कांग्रेस ने प्रदेश में अवैध अफीम की खेती को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज का कहना है कि छत्तीसगढ़ को कभी देश में धान का कटोरा कहा जाता था, लेकिन अब हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि प्रदेश को अफीम का कटोरा बना दिया गया है।

‘एजेंसियों में नहीं मिल रहे सिलेंडर, कई होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित’

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की कमी को लेकर बैज ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद एजेंसियों में सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इसका असर आम परिवारों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है और कई जगहों पर कारोबार प्रभावित हो रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर अब कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता चुना है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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