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छत्तीसगढ़

बारिश में भीगे तेंदूपत्ता की हजारों गड्डियों पर दीमक का प्रकोप, पत्तों की गुणवत्ता पर मंडरा रहा खतरा…

कांकेर। “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता की बस्तर में खरीदी शुरू हो गई है. हितग्राही तेंदूपत्ता तोड़ाई कर संग्रहण केंद्रों में बेच रहे हैं. लेकिन बेमौसम बारिश ने मुसीबत पैदा कर दी है. बारिश से तेंदूपत्ता की हजारों गड्डियां भीग गई है. यही नहीं भीगे हुए तेंदूपत्ता के बंडलों में नमी के कारण दीमक लग रहे हैं, जिससे शासन को बड़ा नुकसान हो सकता है.

कांकेर के इलाके में रोजाना मौसम में बदलाव हो रहा है. सुबह से शाम तक तेज धूप और शाम होते-होते आंधी और बारिश शुरू हो जा रही है. बीते 3 दिनों से चल रहे मौसम की इस आंखमिचौली का सीधा असर तेंदूपत्ता की तोड़ाई, खरीदी और उसकी गुणवत्ता पर पड़ रहा है. तेज हवा, बारिश और ओले से जहाँ तेंदूपत्ता के फटने का डर है, वहीं संग्रहण केंद्रों में सुखाने के लिए रखे गए तेंदूपत्ता के बंडल हवा से उड़ कर टूट रहे हैं. बारिश से बंडल भीग जा रहे है. नमी के कारण बंडलों में दीमक लगता जा रहा है.

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