9 साल बाद गॉल में उतरेगी टीम इंडिया, रिवर्स स्विंग से निपटने के लिए शुभमन गिल का विशेष प्लान

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम लगभग नौ साल के लंबे अंतराल के बाद श्रीलंका की धरती पर टेस्ट सीरीज खेलने उतरी है। 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम के सामने सिर्फ श्रीलंकाई स्पिनरों की चुनौती ही नहीं, बल्कि पुरानी गेंद से होने वाली रिवर्स स्विंग भी एक बड़ी दीवार बनने वाली है। दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर मौजूद भारत के लिए बेहद निर्णायक साबित होगी।
अभ्यास मैच में जीत के बाद खुरदरी पिच पर कप्तान का खास अभ्यास
सीरीज का आगाज होने से पहले कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन तैयारियों में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। भारत ने श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबला जीतकर अपने प्रमुख बल्लेबाजों और गेंदबाजों को लय में लाने का काम पूरा किया। इसके बाद नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब पर एक वैकल्पिक अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। हालांकि इस सत्र से प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को आराम दिया गया।
अभ्यास सत्र का सबसे मुख्य केंद्र कप्तान गिल का बल्लेबाजी अभ्यास रहा। गॉल के मैदान पर गेंद पुरानी होने के बाद रिवर्स स्विंग होने की पूरी संभावना है। इसी स्थिति से निपटने के लिए टीम प्रबंधन ने उसी पिच को दोबारा तैयार कराया, जिस पर अभ्यास मैच खेला गया था। पिच को जानबूझकर चौथे दिन की तरह खुरदरा और दरारों भरा रखा गया, ताकि भारतीय बल्लेबाज मैच की कठिन परिस्थितियों में खुद को ढाल सकें।
WTC अंक तालिका
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारतीय टीम के लिए इस सीरीज का हर एक अंक कीमती है। पांचवें स्थान पर मौजूद भारत को शीर्ष टीमों से फासला कम करने के लिए श्रीलंका में 2-0 से क्लीन स्वीप की दरकार होगी। गॉल टेस्ट में टॉस की भूमिका भी बेहद अहम रहेगी, क्योंकि चौथी पारी में इस मैदान पर बल्लेबाजी करना किसी भी टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होता है।




