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बसना के अरेकेल चौक पर गूंजा महामंत्र, अष्ट प्रहरी हरिनाम संकीर्तन में पहुंचे विधायक डॉ. संपत अग्रवाल

बसना। अध्यात्म और भक्ति की पावन त्रिवेणी में सराबोर होकर बसना का अरेकेल चौक इन दिनों साक्षात गोकुल धाम और अयोध्या नगरी के रूप में परिवर्तित हो गया है। यहाँ श्रीवास्तव परिवार द्वारा आयोजित ‘अष्ट प्रहरी हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ’ ने संपूर्ण क्षेत्र के वातावरण को अलौकिक और दिव्य बना दिया। इस भव्य और श्रद्धापूर्ण अनुष्ठान में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सम्मिलित हुए।

अष्ट प्रहरी हरिनाम संकीर्तन के महायज्ञ में पहुंचे विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सर्वप्रथम प्रभु के विग्रहों के सम्मुख नतमस्तक होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जहाँ अखंड हरिनाम संकीर्तन होता है, वहाँ साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है। इसी भाव को आत्मसात करते हुए विधायक डॉ. अग्रवाल ने प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के पावन नाम संकीर्तन का पुण्य लाभ प्राप्त किया और संपूर्ण क्षेत्रवासियों की सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मंगल की कामना की।

यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते हुए विधायक डॉ. अग्रवाल भक्तों के साथ एकाकार हो गए। उन्होंने करबद्ध होकर और पूरी तन्मयता के साथ कलयुग के तारणहार महामंत्र का जाप किया:
*”हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे”*

श्रीमद्भागवत पुराण की तर्ज पर इस अद्भुत दृश्य को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो देवलोक से देवता भी इस संकीर्तन रस का पान करने धरती पर उतर आए हों।

इस पावन अवसर पर श्रीवास्तव परिवार द्वारा किए गए इस महान धार्मिक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि यह अष्ट प्रहरी हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा को शुद्ध करने और समाज में समरसता का संचार करने का दिव्य माध्यम है। श्रीवास्तव परिवार ने इस महायज्ञ का आयोजन कर पूरे बसना क्षेत्र को पुण्यमयी बना दिया है। कलयुग में जहां मनुष्य भौतिकता की दौड़ में अपनी शांति खो रहा है, वहाँ ऐसे आयोजन ही हमें सही मार्ग दिखाते हैं।

इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने शास्त्रोक्त श्लोक के माध्यम से कलयुग में नाम संकीर्तन की महिमा को रेखांकित किया:
*”हरेर्नाम हरेर्नाम हरेर्नामैव केवलम्।कलौ नास्त्येव नास्त्येव नास्त्येव गतिरन्यथा।।”*
उन्होंने इस श्लोक का सुंदर भावार्थ समझाते हुए कहा कि कलयुग में केवल और केवल हरि का नाम ही जीव का उद्धार करने वाला है। इस युग में भगवद-प्राप्ति और मानसिक शांति का नाम स्मरण के अलावा दूसरा कोई मार्ग नहीं है, कोई मार्ग नहीं है, कोई मार्ग नहीं है। डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि जब हम सामूहिक रूप से महामंत्र का कीर्तन करते हैं, तो उससे उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ऊर्जा न केवल हमारे अंतःकरण को शुद्ध करती है, बल्कि पूरे समाज से द्वेष और नकारात्मकता का नाश कर समरसता का सूत्रपात करती है।

इस शुभ अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश अग्रवाल,सभापति प्रकाश सिन्हा,रघुवीर प्रसाद श्रीवास्तव ,अणिमा श्रीवास्तव, ऊषा श्रीवास्तव पिथौरा, सोनू श्रीवास्तव, समस्त श्रीवास्तव परिवार बसना सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

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