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शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर महापौर सख्त, रामकी कंपनी के प्रतिनिधियों को लगाई फटकार, दो टूक कहा- ‘काम नहीं तो भुगतान नहीं’

रायपुर। दीपावली से पहले राजधानी की सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम की अनुबंधित सफाई एजेंसी रामकी कंपनी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई। शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर दिखाई देने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की जिम्मेदारी कंपनी को पूरी गंभीरता से निभानी होगी। काम में कमी पाए जाने पर अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे को तत्काल हटवाया जाए। साथ ही, सफाई कार्य और घरों से कचरा संग्रहण की नियमित निगरानी की जाए, ताकि दीपावली से पहले शहर के सभी क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान राजधानी साफ-सुथरी नजर आनी चाहिए और इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

काम के सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान

महापौर मीनल चौबे ने ‘काम नहीं तो भुगतान नहीं’ की नीति पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि रामकी कंपनी के कार्यों का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही नियमानुसार देयकों के भुगतान पर विचार किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि बिना काम के किसी भी तरह का भुगतान नहीं होना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शत-प्रतिशत क्षेत्र में कराना एजेंसी की जिम्मेदारी है। यदि कंपनी निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक में अधिकारी और कंपनी प्रतिनिधि रहे मौजूद

सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर निगम के अपर आयुक्त स्वास्थ्य विनोद पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन योगेश कुमार कडु, उप अभियंता कृष्णा राठी तथा रामकी कंपनी के एरिया मैनेजर श्रीकांत, गंगा और भास्कर सहित अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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