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छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शनों की कमी पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सचिव को शपथपत्र पेश करने के निर्देश

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शनों की कमी के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट कमिश्नर को अस्पताल की रिपोर्ट पेश करने को कहा है. साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव को शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है.

चीफ जस्टिस की डीबी में राज्य के अधिवक्ता ने यह बताया कि बिलासपुर के ज़िला अस्पताल में एंटी-रेबीज़ और टिटनेस के इंजेक्शनों की कमी के संबंध में, समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार असत्य है. उन्होंने दिनांक 05.04.2026 के निर्देशों की एक प्रति प्रस्तुत की, जिसे छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को अग्रेषित किया गया है.कोर्ट ने कहा कि इस बात पर विचार करते हुए कि उक्त निर्देशों की एक प्रति प्रस्तुत की गई है, और एंटी-रेबीज़ तथा टिटनेस के इंजेक्शनों की उपलब्धता के संबंध में वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु जैसा कि राज्य अधिवक्ता द्वारा आज की तिथि तक उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से ज्ञात होता है.हम यह निर्देश देना उचित समझते हैं कि, न्यायालय आयुक्त पलाश तिवारी आज ही दिन के दौरान उक्त अस्पताल का दौरा करेंगे और तदनुसार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.

इसके अतिरिक्त, यह भी संज्ञान में लिया गया कि, छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को, 11.02.2026 के आदेश के अनुपालन में, एक शपथ पत्र (एफ़िडेविट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, डीबी ने कहा कि आज दायर किए गए शपथ-पत्र से यह प्रतीत होता है कि 11.फरवरी .2026 के स्थान पर गलती से 12.12.2026 अंकित हो गया है. दिनांक 11.02.2026 के आदेश के अनुपालन में एक नया शपथ-पत्र दायर किया जाए. कल 8 अप्रैल को भी मामले में सुनवाई की जाएगी.

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