
दंतेवाड़ा। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दंतेवाड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2023 में किरंदुल निवासी एक व्यक्ति से करीब 50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा साइबर सेल, थाना कोतवाली दंतेवाड़ा और थाना किरंदुल की संयुक्त टीम ने की।
इस तरह आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान साइबर सेल ने पीड़ित से पूछताछ कर बैंक खातों और लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाई। दंतेवाड़ा, किरंदुल, गीदम और बचेली थाना क्षेत्रों में सक्रिय साइबर अपराधियों की तलाश के लिए निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित कर बिहार रवाना की गई। इस बीच पुलिस टीम ने 100 से अधिक बैंक खातों के ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया और अत्याधुनिक फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस के साथ साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें धर दबोचा।
पुलिस ने बिहार से अरविन्द कुमार (उम्र 25 साल) पिता दीपक चौधरी निवासी बंगाली कॉलोनी जिला पूर्वी चंपारण और विद्या कुमार (उम्र 23 साल) पिता राजेन्द्र साहनी निवासी वार्ड क्रमांक 12 शिव मंदिर के पास जौकटिया थाना मझौलिया जिला पश्चिम चंपारण को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जिला दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क कर नागरिकों को मोबाइल और साइबर अपराधों, जैसे बैंकिंग फ्रॉड, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी, ओटीपी और लिंक शेयर करने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक धनंजय सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक पंकज धर, उप निरीक्षक अनिल पामभोई सहित साइबर सेल और पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




