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iGOT कर्मयोगी की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने हासिल किया 9वां स्थान: सरकार ने विभागों को सुधार के लिए दिए लक्ष्य, नियमित रूप से होगी मॉनिटरिंग

रायपुर। iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जुलाई 2026 की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को अपनी श्रेणी में 9वां स्थान मिला है। छत्तीसगढ़ का कंपोजिट स्कोर 30.79 रहा है। राज्य की रैंकिंग में सुधार के लिए अब सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी शासकीय विभागों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण योजना, पाठ्यक्रम निर्माण और कर्मचारियों की नियमित ऑनलाइन लर्निंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 अगस्त 2026 को इस संबंध में शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई कर्मयोगी भारत, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार की ओर से 12 अगस्त 2026 को जारी डी.ओ. लेटर के आधार पर की जा रही है।

100 अंकों के तीन प्रमुख आधार

कर्मयोगी भारत की ओर से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें तीन प्रमुख संकेतकों को शामिल किया गया है।

पहला संकेतक AI आधारित Capacity Building Plans (CBP) है, जिसके लिए अधिकतम 30 अंक निर्धारित हैं। दूसरा विभागों द्वारा iGOT पर लाइव कोर्स उपलब्ध कराना है, जिसके लिए भी 30 अंक रखे गए हैं। तीसरे और सबसे बड़े संकेतक के रूप में पिछले महीने कम से कम एक घंटे की iGOT लर्निंग पूरी करने वाले पंजीकृत अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रतिशत लिया गया है, जिसके लिए 40 अंक निर्धारित हैं।

विभागों को AI से CBP तैयार करने के निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को iGOT कर्मयोगी के AI-powered Capacity Building Plan Creation Tool का इस्तेमाल कर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा कार्य की जरूरत के अनुसार क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने को कहा है।

रैंकिंग के तय मानदंड के अनुसार यदि 25 प्रतिशत या उससे अधिक विभाग AI आधारित CBP तैयार करते हैं तो राज्य को इस संकेतक में 30 अंक मिलेंगे। 10 से 25 प्रतिशत विभागों की भागीदारी पर 10 अंक और 10 प्रतिशत से कम विभागों द्वारा CBP तैयार करने पर कोई अंक नहीं मिलेगा।

इसी वजह से सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से CBP तैयार कर iGOT प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

हर विभाग को कम से कम एक कोर्स तैयार करना होगा

रैंकिंग सुधार के लिए दूसरा महत्वपूर्ण लक्ष्य iGOT प्लेटफॉर्म पर राज्य सरकार के विभागों द्वारा लाइव कोर्स का योगदान है। विभागों को अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अधिनियमों, मिशनों, योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों पर आधारित उपयोगी तथा कार्य-प्रासंगिक पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे।

रैंकिंग के अनुसार राज्य द्वारा 10 या उससे अधिक लाइव कोर्स उपलब्ध कराने पर पूरे 30 अंक मिलेंगे। 7 से 9 कोर्स पर 21 अंक और 7 से कम कोर्स होने पर कोई अंक नहीं मिलेगा।

राज्य सरकार ने अधिकतम अंक हासिल करने के लिए कम से कम 10 लाइव कोर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित कम से कम एक कोर्स तैयार कर iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

कर्मचारियों को हर महीने कम से कम एक घंटे की पढ़ाई

रैंकिंग में सबसे ज्यादा 40 अंक अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित लर्निंग से जुड़े हैं। इसके तहत पिछले महीने iGOT पर कम से कम एक घंटे का अध्ययन पूरा करने वाले पंजीकृत कर्मचारियों का प्रतिशत देखा जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक महीने कम से कम एक घंटे का iGOT कोर्स पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने और इसकी शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अधिक कर्मचारियों के एक घंटे या उससे अधिक की लर्निंग पूरी करने पर राज्य का स्कोर इस संकेतक में आनुपातिक रूप से बढ़ेगा, जबकि अधिकतम 40 अंक हासिल किए जा सकते हैं।

विभागीय स्तर पर होगी नियमित मॉनिटरिंग

सरकार ने इन तीनों गतिविधियों की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवश्यक AI आधारित CBP तैयार कर प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया है।

इसी तरह विभागों द्वारा तैयार किए गए कम से कम एक-एक कोर्स की प्रगति और उसके iGOT पर लाइव होने की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा हर महीने कम से कम एक घंटे का कोर्स पूरा किए जाने की प्रगति की निगरानी भी विभागीय स्तर पर की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इन गतिविधियों की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। अतिरिक्त जानकारी DS-igotkarmayogi@cg.gov.in पर भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जुलाई की रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश सबसे आगे

कर्मयोगी भारत की ओर से जारी जुलाई 2026 की रैंकिंग में राज्यों को कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

कैटेगरी-A में एक लाख तक राज्य कर्मचारियों वाले राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। इस श्रेणी में अरुणाचल प्रदेश 37.29 अंक के साथ पहले, पुडुचेरी 32.76 के साथ दूसरे और गोवा 32.42 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

कैटेगरी-B में 1,00,001 से 5,00,000 तक कर्मचारियों वाले राज्यों को रखा गया है। इस श्रेणी में हिमाचल प्रदेश 51.56 अंक के साथ पहले, गुजरात 51.18 के साथ दूसरे और कर्नाटक 40.47 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। तेलंगाना चौथे, पंजाब पांचवें और उत्तराखंड छठे स्थान पर रहा।

इसी श्रेणी में छत्तीसगढ़ 30.79 अंक के साथ 9वें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ के बाद हरियाणा 30.71, ओडिशा 30.47, सिक्किम 30.24, झारखंड 13.94 और असम 10.77 अंक के साथ रहे।

कैटेगरी-C, जिसमें 5 लाख से अधिक राज्य कर्मचारी हैं, में राजस्थान 62.49 अंक के साथ पहले, उत्तर प्रदेश 61.73 के साथ दूसरे और मध्य प्रदेश 60.45 के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

फ्रंटलाइन कर्मचारियों को भी iGOT से जोड़ने पर जोर

कर्मयोगी भारत ने राज्यों से सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का आग्रह किया है, ताकि अंतिम स्तर तक काम करने वाले कर्मचारियों की क्षमता का विकास किया जा सके और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए लगातार प्रशिक्षण उपलब्ध हो।

राज्यों को 31 अगस्त 2026 तक अपने राज्य में फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कुल संख्या उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा राज्य सरकारों और प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों को स्थानीय भाषा में राज्य की योजनाओं, मिशनों, कानूनों, कार्यक्रमों और नीतियों से संबंधित डोमेन कोर्स विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसके लिए प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्थापित डिजिटल लर्निंग लैब और कंटेंट स्टूडियो का उपयोग किया जा सकता है।

रैंकिंग सुधार के लिए अब विभागों पर जिम्मेदारी

जुलाई की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ कैटेगरी-B में 9वें स्थान पर है। अब राज्य सरकार ने रैंकिंग में सुधार के लिए विभागों की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी है। AI आधारित CBP, विभागीय कोर्स और कर्मचारियों की मासिक लर्निंग—इन तीनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन राज्य के कुल स्कोर को सीधे प्रभावित करेगा।

यानी आने वाले महीनों में छत्तीसगढ़ की iGOT रैंकिंग सुधारने की सबसे बड़ी कुंजी ज्यादा से ज्यादा विभागों का CBP तैयार करना, कम से कम 10 लाइव कोर्स का योगदान और अधिक से अधिक सरकारी कर्मचारियों द्वारा हर महीने कम से कम एक घंटे की लर्निंग पूरी करना होगी।

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