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बोर्ड परीक्षा में नकल का खुलासा, हाईकोर्ट ने पूछा- दोषी शिक्षकों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?

बिलासपुर।  हाईकोर्ट ने महासमुंद जिले के भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान हुए नकल कांड और एक छात्रा द्वारा किए गए साहसी स्टिंग ऑपरेशन को गंभीरता से लिया है. छात्रा की बहादुरी और मीडिया में आई खबरों को लेकर चीफ जस्टिस जस्टिस रमेश सिन्हा और रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है. अदालत ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर इस पूरे प्रकरण पर शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है. कोर्ट ने पूछा है कि मीडिया में जिन शिक्षकों के नाम नकल कराने में संलिप्त पाए गए हैं, उन पर अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है. शिक्षा विभाग की ओर से मामले में तीन महीने में विभागीय जांच पूरी कर कार्रवाई करने की बात कही गई है. मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर माह के पहले हफ्ते में होगी.

मामला महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के रोहिणी गांव की छात्रा नीता जगत के साहस से जुड़ा है. सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा नीता का परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मानंद स्कूल, भंवरपुर में था. परीक्षा के दौरान जब उसने देखा कि शिक्षक स्वयं छात्रों को उत्तर लिखवा रहे हैं और मोबाइल का खुलेआम उपयोग हो रहा है, तो उसने चुप सबूत जुटाने स्टिंग कर नकल की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया. छात्रा का सवाल था कि अगर इस तरह नकल होगी, तो ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्र क्या करेंगे.

आरोप है कि, जब नीता ने इस अनैतिक कार्य का विरोध किया, तो केंद्र अधीक्षक और स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे सुरक्षा देने के बजाय फटकार लगाई. उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और यहाँ तक कि अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान उसकी डेस्क पर पहले से उत्तर लिखकर उसे झूठे केस में फंसाने की साजिश भी रची गई. इस भारी दबाव के कारण छात्रा बीमार पड़ गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी. जिला स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उसने रायपुर स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई.

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