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मनरेगा विवाद पर मंत्री लखनलाल का बयान, कहा- ‘हे राम’ गांधी जी के अंतिम शब्द, शीर्ष नेताओं ने उसी भाव से रखा नाम

मुंगेली। देशभर में मनरेगा योजना के नाम बदले जाने को लेकर चल रहे विवाद पर छत्तीसगढ़ के उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री व मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुंगेली प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने महात्मा गांधी का अपमान नहीं किया है, बल्कि उनके सम्मान में ही यह फैसला लिया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अंतिम समय में उनके मुख से “हे राम” शब्द निकले थे। इसी कारण शीर्ष नेताओं ने भगवान के नाम से इस योजना का नाम रखा होगा। यह निर्णय गांधी जी की आस्था और उनके विचारों को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है, न कि उनका नाम हटाने या उनका अपमान करने के लिए।

लखन लाल देवांगन ने कहा कि महात्मा गांधी न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के लिए पूज्यनीय एवं महान पुरुष हैं। सरकार और भाजपा उनके योगदान और विचारों का पूरा सम्मान करती है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और भ्रम फैलाने वाले हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी आज मुद्दाविहीन हो चुकी है। इसी वजह से वह इस तरह के विवाद खड़े कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस अब क्षेत्रीय पार्टियों के साथ हाथ मिला रही है, लेकिन जहां-जहां ऐसा हो रहा है, वहां उन पार्टियों की स्थिति भी कमजोर होती जा रही है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है। सरकार ने इस योजना के तहत गरीब और मजदूर वर्ग के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी दी है।इसके अलावा कई हितकर नए प्रावधन किए गए, इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं को आपत्ति क्यों हो रही है, यह जनता खुद समझ रही है।

गौरतलब है कि मनरेगा योजना के नाम में बदलाव के बाद देशभर में राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी का नाम हटाकर उनका अपमान किया है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि यह फैसला गांधी जी के अंतिम शब्दों और उनकी आस्था को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।

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