Home
🔍
Search
Videos
Stories
Breaking newsछत्तीसगढ़

महादेव सट्टा एप केस में बड़ी कामयाबी, सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को ओमान से गिरफ्तार कर लाया गया भारत, कल रायपुर की विशेष CBI कोर्ट में होगी पेशी

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और महादेव एप सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। CBI की विशेष टीम उसे ओमान से भारत लेकर पहुंची है। अब उसे ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायपुर लाया जाएगा, जहां 2 नवंबर को विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।

CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर दो मामलों में वांछित है, जिनमें उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है।

रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई गिरफ्तारी

CBI की ओर से 1 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और ED ने जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के साथ ओमान सरकार को औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजा।

भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई। अनुमति मिलने के बाद CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।

विदेश से संचालित हो रहा था अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क

CBI ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी। इसके लिए फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और शाखाओं का नेटवर्क तैयार किया गया था। इस नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था और उनसे रकम वसूली जाती थी।

म्यूल खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम

जांच एजेंसी के मुताबिक, अवैध सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया जाता था। इसके बाद हवाला चैनलों के माध्यम से रकम विदेश भेजी जाती थी।

CBI की जांच में यह भी सामने आया कि सिंडिकेट को बिना बाधा संचालित करने के लिए अवैध कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण राशि के रूप में दिया जाता था।

इस मामले में CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित प्रावधानों तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किए हैं। सौरभ चंद्राकर इन मामलों में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है। वहीं, ED ने भारत और विदेशों में उसकी कई संपत्तियां अटैच की हैं।

मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाने की तैयारी

CBI के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर की मेडिकल जांच कराई जाएगी। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उसे रायपुर लाया जाएगा। उसे 2 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।

CBI ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में सहयोग के लिए ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का आभार जताया है। एजेंसी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

मामले में अब सौरभ चंद्राकर की कोर्ट में पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button