Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के सिंचाई जलाशयों में 52 प्रतिशत से अधिक पानी, पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति

रायपुर। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई जलाशयों में कुल 3329.41 मिलियन घनमीटर (एमसीयूएम) जल उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का 52.35 प्रतिशत है। यह स्थिति पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है।

प्रमुख जलाशयों में 54.60 प्रतिशत जल संग्रहित

राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों में 5355.709 एमसीयूएम की डिज़ाइन क्षमता के विरुद्ध वर्तमान में 2924.319 एमसीयूएम जल संग्रहित है, जो 54.60 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रमुख जलाशयों में मात्र 31.56 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 26 प्रतिशत जल उपलब्ध था। इस प्रकार इस वर्ष प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत और वर्ष 2024 की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है।

मध्यम जलाशयों की स्थिति भी बेहतर

इसी प्रकार राज्य के 34 मध्यम जलाशयों में 1004.519 एमसीयूएम की कुल क्षमता के विरुद्ध 405.089 एमसीयूएम जल उपलब्ध है, जो कि जलभराव क्षमता का 40.33 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 28.83 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 26.48 प्रतिशत था।

मुरूमसिल्ली जलाशय सबसे अधिक भरा

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में कई जलाशय अच्छी स्थिति में हैं। धमतरी जिले का मुरूमसिल्ली जलाशय 81.50 प्रतिशत क्षमता के साथ सबसे अधिक भरा हुआ है। इसके अलावा कांकेर के दूधावा जलाशय में 74.70 प्रतिशत, मुंगेली के मनियारी जलाशय में 75.61 प्रतिशत, कबीरधाम के छिरपानी जलाशय में 75.64 प्रतिशत तथा कोरिया के झुमका जलाशय में 71.29 प्रतिशत जलभराव हैं।

मिनीमाता बांगो जलाशय में 56 प्रतिशत से अधिक पानी

राज्य के सबसे बड़े जलाशय मिनीमाता बांगो में वर्तमान में 1626.21 एमसीयूएम जल उपलब्ध है, जो इस जलाशय की कुल क्षमता का 56.19 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी समय इस जलाशय में मात्र 25.64 प्रतिशत जल उपलब्ध था।

इसी प्रकार रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय में 48.97 प्रतिशत, तांदुला में 44.79 प्रतिशत, खरंग में 64.59 प्रतिशत तथा सोंढूर में 62.65 प्रतिशत जलभराव है। वर्तमान स्थिति में राज्य के जलाशयों में उपलब्ध जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक तथा वर्ष 2024 की तुलना में भी उल्लेखनीय रूप से बेहतर स्थिति में है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button