वार्ड 17 में एक महीने से जलभराव, बजबजा रहीं गलियां; नाली निर्माण के नाम पर सिर्फ आश्वासन, रहवासियों का आरोप—”सुशासन नहीं, कुशासन चल रहा है”
सुशासन नहीं, कुशासन चल रहा है"

रायपुर। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 ठक्कर बापा वार्ड, गुरु घासीदास नगर, जोन-1 में पिछले एक महीने से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। जबकि ये समस्या पिछले कई वर्षों से है। नाली के अभाव में क्षेत्र की गलियां बजबजा रही हैं और गंदा पानी सड़कों से लेकर घरों के दरवाजों तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार वार्ड के पार्षद परमिला बल्लाराम साहू एवं नगर निगम की उच्च अधिकारियों द्वारा पिछले 1 महीने से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, नाली निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया जा रहा। बरसात से पहले समस्या का समाधान की मांग लगातार रहवासियों द्वारा की जार रही है, लेकिन न तो भूमिपूजन हुआ और न ही निर्माण कार्य शुरू किया गया और ना ही किसी प्रकार की कोई व्यवस्था की गई। इसके बाद भी लोगों को लगातार आश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाली नहीं होने के कारण बारिश और निकासी का पानी लगातार जमा हो रहा है। गंदगी और बदबू के बीच लोगों का जीवन दूभर हो गया है। घरों के बाहर कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का निकलना-बैठना तक मुश्किल हो गया है। मच्छरों, कीड़े-मकोड़ों, सांप और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया, “हमारे घरों के दरवाजों तक गंदा पानी और कीचड़ पहुंच गया है। स्थिति इतनी खराब है कि घर के बाहर न तो बैठ सकते हैं और न ही ठीक से आ-जा सकते हैं। पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी फैली हुई है। एक महीने से हम लोग यह परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।”
निवासी ने आगे कहा, “शर्म आती है ऐसे जनप्रतिनिधियों और ऐसे जिला प्रशासन पर जो सब कुछ देखकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि यही समस्या पार्षद जी के घर के बाहर होती या किसी अधिकारी के घर के सामने ऐसी स्थिति होती, तो क्या वे भी महीनों तक ऐसे ही रहने को मजबूर रहते? तब शायद तत्काल कार्रवाई हो जाती, लेकिन आम नागरिकों की परेशानी किसी को दिखाई नहीं दे रही है।”
वार्डवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उच्च अधिकारियों तक भी इस समस्या की जानकारी कई बार पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रत्ती भर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या की पूरी जानकारी है, तब भी कोई कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन वार्ड 17 की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यहां सुशासन नहीं बल्कि कुशासन चल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को महीनों तक परेशान होना पड़ रहा है और जिम्मेदार लोग केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं।”
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से तत्काल नाली निर्माण कार्य प्रारंभ कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वार्डवासी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।



