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श्रीराम प्रतिमा को स्थापना का इंतजार: दीपक बैज बोले- सिर्फ चुनाव में याद आते हैं राम, केदार कश्यप ने कहा- आस्था के केंद्रों को कर रहे पुनर्जीवित

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित चंदखुरी में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची नई प्रतिमा पिछले करीब तीन महीने से गोढ़ी में खुले मैदान में स्थापना का इंतजार कर रही है। यह वही नई प्रतिमा है, जिसे पुराने विवादित स्वरूप की जगह लगाया जाना था। अब तक इसकी स्थापना का मुहूर्त तक तय नहीं हो पाया है, जिसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। एक ओर जहां पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी पर चुनाव के समय प्रोपोगेंडा करने का आरोप लगाया है, तो वहीं दूसरी ओर मंत्री केदार कश्यप ने आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने की बात कही है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, माता कौशल्या धाम चंदखुरी में पहले लगी भगवान श्रीराम की प्रतिमा को लेकर लंबे समय से विवाद था। लोगों का कहना था कि मूर्ति का चेहरा और स्वरूप भगवान श्रीराम जैसा नहीं दिखता। सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक मंचों तक उस प्रतिमा की आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने नई प्रतिमा बनवाने का फैसला लिया। नई प्रतिमा ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने तैयार की। यह 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप वाली विशाल प्रतिमा है, जिसे खास मिंट स्टोन से बनाया गया है।

मूर्ति निर्माण के दौरान पैसों का विवाद भी सामने आया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मूर्ति को तैयार करने में करीब 25 कलाकार लगे और लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। ठेकेदार और मूर्तिकार के बीच भुगतान को लेकर मामला अटक गया था। इसी वजह से प्रतिमा कई महीनों तक ग्वालियर में ही रुकी रही। यहां तक कि मूर्तिकार ने इसे ग्वालियर के किसी मंदिर में स्थापित करने की बात भी कही थी। बाद में भुगतान होने के बाद प्रतिमा को रायपुर भेजा गया। 22 फरवरी 2026 को यह भव्य प्रतिमा रायपुर पहुंच गई थी। दावा किया गया कि जल्द ही चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में इसकी स्थापना होगी, लेकिन अब मई 2026 आ चुका है। तीन महीने गुजर चुके हैं और प्रतिमा अब भी स्थापना की प्रतीक्षा में है।

खड़े हुए कई सवाल

चंदखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। देशभर में इसकी धार्मिक पहचान है। ऐसे में यहां स्थापित होने वाली प्रतिमा सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भगवान श्रीराम की प्रतिमा के लिए मुहूर्त क्यों नहीं निकल पा रहा? संस्कृति विभाग अब तक स्थापना की तारीख तय क्यों नहीं कर सका? करोड़ों की लागत से बनी यह प्रतिमा खुले मैदान में कब तक यूं ही रखी रहेगी?

दीपक बैज ने BJP पर बोला हमला

मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये छत्तीसगढ़ में कौशल्या माता मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं कर पा रहे हैं। भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। चुनाव के समय में बीजेपी प्रोपोगेंडा करती है। चुनाव नजदीक आता है, तो इन्हें भगवान याद आते हैं।

मंत्री केदार कश्यप का सामने आया बयान

मामले में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रभु श्री राम के मंदिर बनवाने का लक्ष्य था, जिसे पूरा किया। जितने भी आस्था के केंद्र है उसे पुनर्जीवित करने का काम करेंगे। आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं।

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