डिब्बों में डीजल देने पर रोक, एसडीएम की अनुमति होगी जरूरी, कृषि जनरेटर और सूक्ष्म उद्योगों के लिए भी लगाई शर्तें…

बिलासपुर। ईरान– इजराइल युद्ध का असर अब पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ रहा है. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने डिब्बों में डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है. महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील बुनियादी सेवाओं के अतिरिक्त किसी भी उद्योग को डीजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी. विशेष परिस्थितियों में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम या तहसीलदार की अनुमति के बाद ही डीजल मिलेगा.
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल ने जिले में पेट्रोल एवं डीजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संभावित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं. यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशों के परिपालन में लागू किया गया है.
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में संचालित सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि पेट्रोल-डीजल का वितरण अब केवल वाहनों में ही किया जाएगा, किसी अन्य पात्र में ईंधन देने पर प्रतिबंध रहेगा. कृषि उपयोग, जनरेटर एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए डीजल आपूर्ति पूर्व खपत के औसत के आधार पर की जाएगी, जिसका अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा.
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. पेट्रोल पंप परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच की जाएगी. अवैध परिवहन या कालाबाजारी की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच दल का गठन किया गया है, जो जिलेभर में सतत निगरानी एवं निरीक्षण करेगा. संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित पर्यवेक्षण के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, तथा सभी संबंधितों को इसका कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा.




