Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

सदन में विनियोग विधेयक पारित : नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा- राज्य और केंद्र के बीच पीस रही जनता, वित्त मंत्री ओपी बोले-

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये का विनियोग विधेयक पारित कर दिया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले पांच सालों तक भर्राशाही की, उन परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ को बाहर निकालने के लिए हमने (भाजपा सरकार) बहुत अच्छे वेलफेयर स्कीम लाए. वहीं नेता प्रतिपक्ष चरण दास मंहत ने सरकार पर विज्ञापन आधारित शासन, वित्तीय कुप्रबंधन और जनहित की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए.

कांग्रेस ने पिछले पांच सालों तक की भर्राशाही : मंत्री ओपी चौधरी

विनियोग विधेयक ओयग पर चर्चा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले पांच सालों तक भर्राशाही की, उन परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ को बाहर निकालने के लिए हमने (भाजपा सरकार) बहुत अच्छे वेलफेयर स्कीम लाए. सब पर समग्रता के साथ हमारी सरकार संकल्प के बजट के साथ आगे बढ़ी है.

उन्होंने कहा कि पहले ज्ञान का बजट था, उसे ज्ञान के वेलफेयर को सस्टेनेबल बनाने के लिए गति की रणनीति के साथ दूसरा बजट लाए थे. इस बार संकल्प की प्रतिबद्धता के साथ बजट लाए हैं. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार काम कर रही है.

राज्य और केंद्र सरकार के बीच जनता पीस रही : चरणदास महंत

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विनियोग विधेयक पर कहा, इस सरकार में विज्ञापन के अलावा कोई बात नहीं होती है. सरकार दिल्ली से चल रही है. राज्य और केंद्र की सरकार के बीच जनता पीस रही है. पीएससी का विरोध कर नाम कमा लिया, अब बोलने के लिए कुछ नहीं है. युवाओं के पास करने के लिए कुछ नहीं है, आप लोगों ने उनके लिए अफीम लगा लिया है.

महंत ने कहा, 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए 26 हजार 348 करोड़ का प्राविधान किया था. दूसरी तिमाही तक 3 हजार 500 तक ही खर्च हुआ. इस बार पूंजीगत व्यय के लिए 27 हजार करोड़ मांग रहे हैं. जनवरी 2026 तक 1 लाख करोड़ राजस्व वसूली रही है. केंद्र सरकार ने चिट्ठी लिखकर 21500 करोड़ पैसा मांगा है, जो नक्सली उन्मूलन के लिए फोर्स बुलाया है उसके लिए. किसकी देनदारी है साफ साफ नहीं बताया जा रहा तो नियत पर सवाल खड़े होंगे.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो हो रहा है सब जानते हैं. ग्रीन स्टेट की बात की जाती है, 11 दिसंबर 2023 को सरकार बन रही थी, विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बनने वाले थे, कहां से अदृश्य आदेश आया कि हसदेव जंगल से पेड़ काटना शुरू कर दिया. पड़ों की कटाई हुई तो हसदेव बागों सुख जाएगा, किसानों को पानी नहीं मिलेगा तो क्या करेंगे. उन्होंने कहा, उड़ान योजना फेल हो गई तो छत्तीसगढ़ वायु योजना की बात शुरू कर दी. हवाई घोषणाएं हो रही है, 2 वर्षों में कुछ किया नहीं गया.

महंत ने कहा, मुख्यमंत्री जी आपने क्या सिखाया, आज भी कहते घूमते हैं तुम्हारा भ्रष्टाचार, जब गुणगान ही करना है तो हमने गलती की तो जांच कराओ, लेकिन ढाई साल हो गए कब तक कहते रहोगे पिछले सरकार की बात. नरवा गरुवा घुरुवा और बाड़ी में कहा राजनीति हुई, इसमें पैसा देना क्यों बंद कर दिया. दिल्ली से आने वाले अधिकारी क्या समझेंगे छत्तीसगढ़ियों की व्यवस्था. गौठान पर कब्जे हो रहे, सड़क पर जानवर मर रहे हैं, आप इन्हें सुरक्षित कीजिए.

चरणदास महंत ने कहा, सिंचाई के आंकड़े आप दे रहे, क्षमता कितनी बढ़ी ये देखिए. आपके कुप्रबंधन ने किसानों के बड़े नुकसान किए हैं. भूपेश बघेल की सरकार 2500 नहीं देती तो आप 3100 रूपये नहीं देते. ढाई साल बीत गए पुराने सरकार के बारे में कोशना बंद करें और जनता के लिए काम करें. अफीम खेती, अवैध प्लाटिंग, कानून की विफलता देख रहे हैं. डीएमएफ फंड की स्थिति भी देख रहे.

महंत ने कहा, तेंदूपत्ता बोनस नहीं दिया, सीजीएमएससी में घोटाला, सड़क निर्माण में भारतमाला में भ्रष्टाचार, डबल इंजन का मतलब एक इंजन में नशा सप्लाई और दूसरे में उसे संरक्षण मिल रहा. छत्तीसगढ़ को कर्ज के जाल में फंसाते जा रहे हैं, इस पैसे से दिल्ली वालों का विज्ञापन छापेंगे. गुढियारी में बिजली घर में आग क्यों लगी, क्या आग लगाई गई ? आबकारी के मुख्यालय में आग किसने लगाई ? शिक्षा विभाग का घोटाला नहीं हुआ तो जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आग कैसे लगी ये बताएं?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button