Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

भारत बनेगा दुनिया का ‘ग्रीन एनर्जी हब: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

नई दिल्ली / रायपुर।  वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार को नई दिल्ली में “भारत में विद्युत परियोजनाएं: मामले और चुनौतियां” विषय पर आयोजित ‘एस्टीमेट कमेटी’ (प्राकलन समिति) की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

बैठक में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की समीक्षा करते हुए श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संभावनाओं और चुनौतियों पर विशेष जोर दिया।

बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पंचामृत’ लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि भारत आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व पटल पर एक महाशक्ति बनकर उभरा है।

छत्तीसगढ़ के वनांचलों में सौर क्रांति

बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ छत्तीसगढ़ के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया, “छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग की ऐसी दुर्गम जनजातीय (PVTG) बस्तियां, जहां भौगोलिक कारणों से ग्रिड की बिजली पहुंचाना कठिन है, वहां ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम के माध्यम से घरों को रोशन किया जा रहा है। देशभर में स्वीकृत 12,922 घरों के विद्युतीकरण में छत्तीसगढ़ की बस्तियों का बड़ा हिस्सा शामिल है।”

लक्ष्य से आगे बढ़ता भारत: छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

श्री अग्रवाल ने बताया कि, भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन (Renewable & Nuclear) से प्राप्त करने का लक्ष्य समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। दिसंबर 2025 तक हमारी गैर-जीवाश्म क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो कुल क्षमता का 51.93% है।”

उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ एक ऊर्जा सरप्लस राज्य है, और अब हम कोयला आधारित बिजली के साथ-साथ सौर और जैव-ईंधन (Bio-energy) में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के किसानों को पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप देकर सिंचाई के लिए आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।”

सांसद श्री अग्रवाल ने बताया कि, पिछले 11 वर्षों में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 3.38 गुना की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सौर ऊर्जा में 48 गुना वृद्धि हुई है जो वर्ष 2014 के 2.82 GW से बढ़कर दिसंबर 2025 में 135.81 GW हो गई है। वहीं पवन ऊर्जा 21.04 GW से बढ़कर 54.51 GW और सौर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 2.3 GW से बढ़कर 144 GW हो गई है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ का उदाहरण है।

प्रमुख योजनाओं से बदल रही तस्वीर

बैठक में ‘पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’, ‘पीएम-कुसुम’ और ‘राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ जैसी दूरगामी योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

श्री अग्रवाल ने बताया कि ‘पीएम-सूर्य घर’ योजना के तहत अब तक 26.05 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा पहुंचाकर अंतिम छोर के व्यक्ति को रोशन किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2030 तक 500 GW के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रिड स्थिरता, भूमि अधिग्रहण और बैटरी सामग्री के लिए आयात पर निर्भरता कम करने हेतु ‘उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन’ (PLI) योजना को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।

उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रीन बांड और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि दुनिया को क्लीन एनर्जी का रास्ता भी दिखाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button