धान उठाव धीमा, खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से अधिक स्टॉक से समिति की चिंता बढ़ी, मीलरों की सुस्ती और सड़क प्रतिबंध बन रहे वजह

गरियाबंद। जिले में समर्थन मूल्य पर इस साल 50 लाख 65 हजार 726 क्विंटल धान खरीदी हुई, जिसमें से अब तक 28 लाख 25 हजार 888 क्विंटल ही परिवहन हो सका है। जिले में अब तक केवल 56.45 प्रतिशत धान का उठाव हो पाया है, जो पिछले दो साल की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत कम है। हालांकि प्रदेश के 33 जिलों में गरियाबंद की रैंकिंग उठाव के मामले में 15वें नंबर पर है।
लेकिन देरी को देखते हुए समिति की चिंता बढ़ गई है। लगातार ब्रांच स्तर से जिले को पत्राचार कर समिति ने बफर लिमिट से कई गुना ज्यादा मात्रा फड़ो में मौजूद रहने से रखरखाव पर अतिरिक्त व्यय के अलावा धान के सुखने को लेकर चिंता जाहिर की है। क्योंकि खरीदी मात्रा से वजन घटा तो खरीदी केंद्रों की जिम्मेदारी मान, खरीदी में मिलने वाले कमीशन में कटौती के अलावा उन्हें अंतर की राशि भरपाई के लिए उन पर कानूनी कार्रवाई अपनाई जाती है।




