Home
🔍
Search
Videos
Stories
क्राइमछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 17 दिन के भीतर पांचवीं बार पकड़ी गई अफीम की खेती, सब्जियों की बाड़ी के बीच मिली फसल, जांच में जुटी पुलिस

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। तमनार के बाद अब जिले के लैलूंगा क्षेत्र के घटगांव में अफीम की खेती पकड़ी गई है। जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। 17 दिनों के भीतर प्रदेश में अफीम की अवैध खेती मिलने का यह पांचवां और बीते दो दिनों के भीतर जिले में दूसरा मामला है।

बता दें कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के घटगांव गांव में सब्जियों की बाड़ी के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही थी। लैलूंगा से पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा पिछले 10–12 सालों से यहां खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन उसकी देखरेख में अफीम की खेती शुरू हुई। मार्शल सांगा झारखंड में अपने साथी के साथ पहले से अफीम की खेती करता आ रहा था और उसी मॉडल को रायगढ़ में अपनाया।

राज्य में पिछले 15 से 17 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने के मामले लगातार सामने आए हैं। इसके विवरण इस प्रकार हैं:

7 मार्च: दुर्ग के समोदा में BJP नेता विनायक ताम्रकर के खेत से 7.88 करोड़ की अफीम जब्त की गई।

10 मार्च: बलरामपुर के कुसमी में 3.67 एकड़ में अफीम की खेती, 7 आरोपी गिरफ्तार।

12 मार्च: बलरामपुर के कोरंधा में ढाई एकड़ में अफीम की फसल, तीन किसानों की जमीन शामिल।

20 मार्च: रायगढ़ के तमनार ब्लॉक के आमाघाट में डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती।

अब रायगढ़ के लैलूंगा में पकड़ाया गया यह मामला प्रदेश में पांचवां हालिया अफीम का मामला बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि अफीम की खेती पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और जिन लोगों पर प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण का शक है उनके खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button