शासन को नई दिशा: रायपुर में iGOT कर्मयोगी प्रशिक्षण सम्पन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, क्षमता निर्माण एवं प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए iGOT कर्मयोगी संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आज कलेक्ट्रेट परिसर रायपुर में स्थित रेडक्रॉस भवन में पूर्वाह्न 11ः30 बजे से 12ः30 बजे तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यशाला संभाग आयुुक्त श्री महादेव कांवरे निर्देशन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में हुई।
इस अवसर पर राज्य स्तर से अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी (iGOT कर्मयोगी) द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण एवं विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने iGOT प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, भूमिका आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारी एवं कर्मचारियों को दक्ष करना और नए तकनीक से अवगत कराना हैै। इसके माध्यम से उनकी कार्यशैली में भी परिवर्तन आएगा। सुश्री अंजु ने बताया कि हर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को इसमें पंजियन कराना होगा एवं कार्यशाला के नोडल अधिकारियों के माध्यम से तीन कोर्स करने होंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव विकास शील के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से iGOT कर्मयोगी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की गई, जिसके अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक सुधार तथा सेवा गुणवत्ता में वृद्धि के विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम उमाशंकर बंदे, नवीन ठाकुर एवं जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे तथा संबंधित कार्यालयों के नामित नोडल अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने अपने संदेश में कहा कि iGOT कर्मयोगी केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सतत क्षमता निर्माण कर राज्य में सुशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। यह पहल प्रशासन को दक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।




