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खेलछत्तीसगढ़

बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में असम ने सिक्किम और तमिलनाडु ने आंध्रप्रदेश को 3-0 से किया पराजित

रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत आयोजित बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता के पांचवें दिन रोमांच और प्रतिस्पर्धा का उच्च स्तर देखने को मिला। विभिन्न राज्यों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में स्थान सुनिश्चित करने के लिए जोरदार संघर्ष किया।

स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर में खेले गए मुकाबले में असम की टीम ने शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए सिक्किम को 3-0 से पराजित किया। मैच के दौरान असम की खिलाड़ियों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई अवसर नहीं दिया।

इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में खेले गए एक अन्य मुकाबले में तमिलनाडु की टीम ने आंध्रप्रदेश को 3-0 से हराकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने सधे हुए पासिंग, मजबूत डिफेंस और प्रभावी आक्रमण के दम पर मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।

प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। छत्तीसगढ़ ने ग्रुप ‘ए’ में अपने सभी मैच जीतकर अपराजेय रहते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं झारखंड ने ग्रुप ‘बी’ में शानदार खेल दिखाते हुए सभी मुकाबलों में विजय हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अन्य टीमों में अरुणाचल प्रदेश और गुजरात ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में अपनी जगह बनाई। इस प्रकार अब सेमीफाइनल मुकाबलों की रूपरेखा स्पष्ट हो चुकी है, जिसमें छत्तीसगढ़ का अगला मुकाबला अरुणाचल प्रदेश से तथा झारखंड का सामना गुजरात से होगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस आयोजन में जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है।

‘मोरवीर’ के साथ युवाओं ने खेले मनोरंजक खेल

रविवार की छुट्टी के चलते आज मैदान पर बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और खेल प्रेमियों ने शिरकत की और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के मैस्कॉट मोरवीर के साथ युवा एवं बच्चे मनोरंजक खेल खेलते एवं सेल्फी लेते नजर आए। जहां सभी ने आकर्षक खेलों और क्विज का आनंद लिया। इस बार का मैस्कॉट मोरवीर छत्तीसगढ़ी शब्दों ‘मोर’ (हमारा) और ‘वीर’ (बहादुरी) से बना है, और यह भारत के जनजातीय समुदायों के गर्व, भावना और पहचान का प्रतीक है।

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