वाटरशेड मैनेजमेंट में जनजागरूकता- जियोलॉजी और प्रशासनिक प्रबंधन की अहम भूमिका: डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव

रायपुर। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगर्भशाला के प्राध्यापक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि वाटरशेड मैनेजमेंट में जनजागरूकता, जियोलॉजी एवं प्रशासनिक प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से जल संरक्षण के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने का आह्वान किया। वे गत दिवस सिविल लाइन्स स्थित सर्किट हाउस में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा द्वारा आयोजित “वाटरशेड मैनेजमेंट इन छत्तीसगढ़” विषय पर व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के सचिव अनूप कुमार श्रीवास्तव द्वारा मुख्य वक्ता के परिचय एवं विषय की रूपरेखा प्रस्तुत करने से हुई। संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव का स्वागत किया।
छत्तीसगढ़ की भू-वैज्ञानिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। अपने व्याख्यान में डॉ. श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ की भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों, विभिन्न प्रकार की चट्टानों तथा सतही एवं भूमिगत जल भंडारों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रेनवॉटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज पिट भूमिगत जल भंडारण को बढ़ाने में अत्यंत सहायक हैं।
जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण पर जोर डॉ. श्रीवास्तव ने जल के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित शुल्क (चार्ज) लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने धान के खेतों को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का प्रमुख स्रोत बताते हुए किसानों को धान के साथ अन्य फसलों की ओर भी ध्यान देने की सलाह दी।
भूमिगत जल स्थिति का प्रस्तुतीकरण व्याख्यान के दौरान बेमेतरा, नवागढ़ एवं बलौदाबाजार क्षेत्रों में भूमिगत जल की स्थिति का पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रभावी चित्रण किया गया।
प्रश्नोत्तर एवं आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, पूर्व अपर मुख्य सचिव इंदिरा मिश्रा, दिनेश श्रीवास्तव, आर.एस. विश्वकर्मा, ललित सिंघानिया, तिलकसेन गुप्ता एवं अनूप कुमार श्रीवास्तव द्वारा पूछे गए प्रश्नों का डॉ. श्रीवास्तव ने समाधान किया।अंत में संस्थान के सचिव अनूप कुमार श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन एवं आभार प्रदर्शन किया।




