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क्राइमछत्तीसगढ़

कर्मचारी कॉलोनी बना चोरों का सुरक्षित ठिकाना : सालभर में हुई कई बड़ी वारदातें, अब तक पुलिस के हाथ खाली

पिथौरा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत लहरौद की कर्मचारी कॉलोनी इन दिनों चोरों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनती जा रही है। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और असंतोष देखा जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की बीट प्रणाली और रात्रिकालीन गश्त केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

इस वर्ष कर्मचारी कॉलोनी में कई बड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी है। राकेश नायक के घर से करीब 30 लाख रुपये के सोने के आभूषण चोरी हो गए। वहीं सत्यवती दुबे के घर से 3 लाख 50 हजार रुपये नगद और जेवरात पार कर दिए गए। बाल कुमार ठाकुर के निवास से भी लगभग 3 लाख रुपये के सामान की चोरी हुई। इन मामलों की विवेचना धीमी गति से चल रही है और अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पुराने मामलों में भी नहीं मिली सफलता

वर्ष 2024 में चितरंजन चौधरी की कार का कांच तोड़कर 10 लाख रुपये की नगदी चोरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2022 में महेश साहू के घर से 4 लाख रुपये के जेवर, वर्ष 2021 में नीरज अग्रवाल के घर से 5.50 लाख रुपये की संपत्ति और जितेंद्र प्रसाद दुबे के यहां 3 लाख रुपये की चोरी की घटना सामने आई थी। सबसे चौंकाने वाली घटना पुनीत सिन्हा के घर की है, जहां एक ही वर्ष में दो बार चोरी हुई। पहली बार करीब 10 लाख रुपये के जेवर और नगदी तथा दूसरी बार 60 हजार रुपये की नगदी चोर ले गए, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी।

नागरिकों ने पकड़े थे संदिग्ध

विद्याचरण नायक के घर 5 लाख रुपये की चोरी के दौरान कॉलोनी के लोगों ने ओडिशा मूल के दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन इसके बाद भी अपराध पर रोक नहीं लग पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में 5 से 6 छोटी चोरी की घटनाएं ऐसी भी हैं, जिनकी शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई गई। लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से निराश होकर पीड़ित शिकायत दर्ज कराने से भी बच रहे हैं।

अब तक 80 लाख से अधिक का नुकसान

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक कॉलोनी में करीब 10 बड़ी चोरी की वारदातों में लगभग 74 लाख 60 हजार रुपये की संपत्ति चोरी हो चुकी है, जिसमें 35 से 40 लाख रुपये के जेवर और शेष नगदी शामिल है। अनौपचारिक मामलों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 80 लाख रुपये से अधिक हो चुका है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस द्वारा एक भी मामले में शत-प्रतिशत बरामदगी नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कॉलोनी में नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग की मांग की है, ताकि अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा – जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा

इस मामले में एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडे ने कहा कि, सभी चोरियों की बारीकी से पड़ताल की जा रही। पूर्व में हुए चोरी के एक दो प्रकरण में जल्द खुलासा होगा। अभी वर्तमान में हुए चोरी के आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। हमारी दो टीम लगी हुई है। पिथौरा थाना प्रभारी सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा, अभी मेरे आने के बाद एक ही चोरी हुई है। हमारी टीम लगी है। जल्द खुलासा होगा। हम लगातार पेट्रोलिंग करा रहे हैं।

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