Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में शुरू हुई कोर्ट की प्रोसिडिंग, पहले ही दिन दो को भेजा जेल

रायपुर। रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली की शुरुआत होने के साथ ही अब दंडाधिकारी शक्तियां कमिश्नरी में निहित हो गई हैं। अब कार्यपालिका दंडाधिकारियों की जगह पुलिस कमिश्नरेट के सहायक आयुक्त अधिकारी कोर्ट की शुरुआत करेंगे। सेंट्रल जोन डीपी उमेश गुप्ता के मार्गदर्शन में आज से कमिश्नरी व्यवस्था में न्यायालयीन सख्ती की दमदार शुरुआत हो गई है। पहले दिन एसीपी कोतवाली और एसीपी सिविल लाइन कोर्ट का प्रथम दिवस रहा।

रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के पश्चात सेंट्रल जोन अंतर्गत न्यायालयीन कार्यवाही का प्रभावी शुभारंभ आज 16 फरवरी से किया गया। इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्तों द्वारा कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में त्वरित एवं सख़्त कदम उठाए गए।

इसी क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 एवं 135(3) के अंतर्गत एक प्रकरण में 02 अनावेदकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए जेल वारंट तैयार किए गए। साथ ही दोनों अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस विधिवत तामील कराए गए। इसके अतिरिक्त धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत 05 प्रकरणों में कुल 13 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस एवं समन जारी किए गए, जिन्हें कमिश्नरी प्रणाली के तहत त्वरित रूप से तामील कराया गया।

वहीं सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइन रमाकांत साहू द्वारा भी लोक शांति भंग होने की आशंका के दृष्टिगत धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत 06 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। कमिश्नरी प्रणाली के अंतर्गत की गई इस कार्यवाही में सभी समन एवं नोटिस समयबद्ध रूप से तामील कराए गए।

कमिश्नरेट व्यवस्था के अंतर्गत यह न्यायालयीन कार्यवाही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव, झगड़ा अथवा लोक शांति भंग करने वालों के विरुद्ध अब त्वरित, विधिसम्मत एवं सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button