Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

“कायाकल्प – स्वच्छ अस्पताल योजना 2024-25” में बलौदाबाजार जिला अस्पताल को मिला दूसरा स्थान, 89 अन्य स्वास्थ्य केंद्र भी हुए पुरस्कृत

बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवा के बेहतरीन प्रबंधन, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छता को लेकर जिला चिकित्सालय को एक बार पुनः उच्च स्थान प्राप्त हुआ है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में खुशी का माहौल है। वहीं आपको बता दें कि कलेक्टर दीपक सोनी को प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली सरकार ने बुलाया है, जहां वे डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग बनकर अपनी सेवाएं देंगे।

प्रदेश में “कायाकल्प – स्वच्छ अस्पताल योजना 2024-25” के परिणाम जारी हुए हैं, जिसमें जिला अस्पताल सहित 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 66 स्वास्थ्य केंद्र तथा एक शहरी स्वास्थ्य केंद्र को पुरस्कृत किया गया है। इसमें पुरस्कृत स्वास्थ्य संस्थाओं को 70 प्रतिशत से अधिक अंक मूल्यांकन में लाना था। कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा कायाकल्प में पुरस्कृत होने पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आगे भी बेहतर तरीके से काम करते हुए आम जन को सुलभ और सही स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के निर्देश सभी को दिए हैं।

जिला अस्पताल बलौदाबाजार 94 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है, जबकि जिला अस्पताल सूरजपुर ने 94.9 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा, सुहेला, पलारी और लवन ने भी कायाकल्प में पुरस्कार प्राप्त किया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में कटगी को जिले में 99.7 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान मिला है। इसी तरह उप स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में झीपन-एन ने 97.5 प्रतिशत अंक लाकर पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि सेल और ठेलकी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। शहरी स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में भाटापारा का मेहता नगर केंद्र पुरस्कृत किया गया है।

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता, सफाई और संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानकों की स्थापना के लिए शुरू की गई पहल है। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं का आंतरिक मूल्यांकन होता है, जो उन्हें और बेहतर बनने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके माध्यम से अस्पतालों को रोगी-अनुकूल बनाकर उनमें स्वच्छता को स्थायी प्रथा के रूप में बढ़ावा देना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button