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छत्तीसगढ़

अवैध नियुक्ति और नियम विरुद्ध भुगतान के आरोप, युवा कांग्रेस ने DEO से की निष्पक्ष जांच की मांग

मुंगेली। जिले में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर मामला सामने आया है। नगर पालिका परिषद मुंगेली के कबीर वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद एवं युवा कांग्रेस के जिला महासचिव अजय साहू के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के सदस्यों नें जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए संगठन में वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नियुक्तियों और नियमों के विरुद्ध किए गए भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत में उल्लेख किया है कि वर्ष 2022 से 2025 के मध्य जिला स्काउट्स एवं गाइड्स मुंगेली के संचालन में कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी की गई। शिकायत के अनुसार संगठन के महत्वपूर्ण पदों अध्यक्ष एवं सचिव के चयन में न तो निर्धारित नियमों का पालन किया गया और न ही किसी प्रकार की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।

वित्तीय गबन की आशंका

शिकायत पत्र में पूनम शर्मा एवं मोरध्वज सप्रे पर संगठन की राशि के मनमाने उपयोग का आरोप लगाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि बिना विधिवत ऑडिट और सक्षम स्वीकृति के बिल-वाउचर्स के माध्यम से भारी राशि का आहरण किया गया, जो शासकीय संगठनात्मक धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।

तीन वर्षों से ऑडिट रिपोर्ट नहीं

शिकायत का एक अहम बिंदु यह भी है कि पिछले तीन वर्षों से संगठन की आय-व्यय विवरण एवं ऑडिट रिपोर्ट न तो प्रस्तुत की गई है और न ही सार्वजनिक की गई है। इससे संगठन की वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जांच समिति गठित करने की मांग

युवा कांग्रेस पदाधिकारी एवं पार्षद अजय साहू ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए। साथ ही कलेक्टर दर कर्मचारी पूनम शर्मा एवं तत्कालीन डीओसी स्काउट मोरध्वज सप्रे द्वारा किए गए सभी भुगतानों के मूल बिल-वाउचर, चेक बुक और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जाए। दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधितों पर दंडात्मक कार्रवाई और गबन की गई राशि की वसूली की मांग भी की गई है।

पहले भी आ चुका है मामला

गौरतलब है कि मुंगेली में स्काउट-गाइड संगठन से जुड़ा मामला पूर्व में भी सामने आ चुका है, लेकिन उस समय ठोस कार्रवाई न होने के कारण प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया था। ऐसे में एक बार फिर सामने आई शिकायत को लेकर अब निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

अब देखना यह होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या इस बार स्काउट-गाइड संगठन से जुड़ी अनियमितताओं की वास्तविक और निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।

DEO ने कही यह बात

वहीं इस मामले में पर जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे नें कहा कि इस मामले कि जांच के लिए एक जांच कमेटी बनाई जा रही है, जांच उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई कि जाएगी।

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