Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

जंगल काटकर की गई खेती पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 200 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित, चरणबद्ध कार्रवाई जारी

बालोद। जिले के दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन भूमि पर किए गए बड़े पैमाने के अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने आज व्यापक कार्रवाई की। कक्ष क्रमांक 55 के कंजेली बिट स्थित सुकड़ीगहन गांव क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ जंगल को काटकर खेती के लिए बनाए गए खेतों के मेड़ों को जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ा गया। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में की गई।

जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र 279 हेक्टेयर के एक कम्पार्टमेंट में आता है, जहां सुकड़ीगहन गांव के कुछ पारधी समुदाय के लोगों द्वारा लंबे समय से जंगल काटकर अतिक्रमण कर लिया गया था। वन भूमि को खेतों में तब्दील कर कृषि कार्य किया जा रहा था, जिससे वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा।

भारी संख्या में अधिकारी और पुलिस बल तैनात

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वन विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी गई।

ग्रामीणों ने जताया विरोध, लेकिन जारी रही कार्रवाई

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही सुकड़ीगहन गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से घंटों तक चर्चा की। ग्रामीणों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखी, लेकिन अधिकारियों द्वारा नियमों का हवाला देने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई। चर्चा के बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखने की बात कही।

30 एकड़ भूमि से हटाया गया अतिक्रमण, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

इस संबंध में दल्लीराजहरा वन मंडलाधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय वन प्रबंधन समिति के माध्यम से कक्ष क्रमांक 55 में अतिक्रमण के प्रयासों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया और स्थानीय समिति के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई गई।

उन्होंने बताया कि आज पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 30 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। क्षेत्र में 200 एकड़ से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था, जिसे चरणबद्ध तरीके से हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button