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छत्तीसगढ़

MSP पर मक्का खरीदी नहीं : जिला प्रशासन और किसानों के बीच हुई बैठक, 10 हजार रुपए प्रति एकड़ सहायता राशि पर बनी सहमति

गरियाबंद। मैनपुर में आज किसानों और जिला प्रशासन के बीच लंबी बैठक चली. कलेक्टर भगवान सिंह यूईक, एसपी वेद व्रत सिरमौर्य और जिला कृषि अधिकारी चंदन राय के साथ बैठक में किसान संघर्ष समिति ने आज फिर एक बार समर्थन मूल्य में मक्का खरीदी की बात दोहराई. इस मांग को पूरी करने में प्रशासन लाचार नजर आया पर किसानों को राहत देने कृषक उन्नति योजना के तहत पंजीकृत प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ 10 हजार आय सहायता देने की बात पर सहमति बन गई.

7 जनवरी तक होगा किसानों का पंजीयन

कलेक्टर ने किसानों को बताया कि बीते साल एथेनॉल डिस्टलरीज के मांग पर नाफेड ने एमएसपी दर 2100 रुपए प्रति क्विंटल पर मक्का की खरीदी किया था. इस बार मांग नहीं होने के कारण यह खरीदी सम्भव नहीं है. किसानों की दूसरी मांग थी कि उनके वन भूमि के गिरदावरी रिपोर्ट ऑन लाइन शो नहीं होने से किसान धान खरीदी से वंचित हो जाएंगे. प्रशासन की ओर से चंदन राय ने किसानों से सार्थक चर्चा किया. उन्होंने बताया कि समिति मॉड्यूल पर धान खरीदी पोर्टल में पंजीयन से वंचित किसानों का पंजीयन 7 जनवरी तक जारी रहेगा. इस अवधि में नहीं हो सका तो कलेक्टर सर से प्रस्ताव भेज तिथि को आगे और बढ़ाया जाएगा, कोई भी किसान खरीदी से वंचित न हो उसके लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे.

प्रशासन ने ली राहत की सांस

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ,जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस सार्थक चर्चा के बाद किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आगामी 6 जनवरी को नेशनल हवाई चक्का जाम कर किए जाने वाले प्रदर्शन को स्थगित करने का ऐलान किया,जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस लिया है.

जिले में 8 हजार किसान, 1800 हेक्टर में कर रहे मक्का की खेती

जिले में 18000 हेक्टेयर में 8 हजार से ज्यादा किसानों ने मक्का का उत्पादन किया हुआ है. पिछले वर्ष नाफेड (नेशनल एग्रीकल्चर फेडरेशन) ने एमएसपी दर पर मक्का खरीदी किया था. अच्छी आमदनी को देखते हुए इस बार जिले में मक्का का रकबा में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हो गया. लेकिन इस बार नाफेड से खरीदी नहीं होने से किसान अधिकतम 1500 प्रति क्विंटल पर मक्का बेचने को मजबूर हैं. किसानों की लागत तक नहीं निकल रही थी. ऐसे में किसानों ने 6 जनवरी को चक्का जाम का ऐलान किया था.

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