महाराजबंध तालाब में चला स्वच्छता अभियान, डिप्टी CM अरुण साव ने दिलाई शपथ; पांच सफाई मित्र सम्मानित

रायपुर। स्वच्छता ही सेवा 2026 और सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को रायपुर के मठपारा स्थित महाराजबंध तालाब में श्रमदान एवं सफाई अभियान चलाया गया। अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम की टीम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी-सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, महंत रामसुंदर दास, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

तालाब परिसर में किया श्रमदान
अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने महाराजबंध तालाब परिसर में सफाई कर कचरा और गंदगी हटाई। लोगों को तालाब और अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के साथ सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक किया गया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना जरूरी है।

पांच सफाई मित्रों का सम्मान
कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाले पांच सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। इनमें रमेश सोना, अवधेश सोनी, घना कुर्रे, अमित धीवर और राहुल राजपूत शामिल रहे। अतिथियों ने स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना की और शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विधायक सुनील सोनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वच्छता अभियानों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और प्रतिभागियों ने पौधरोपण किया। स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया गया।

“सेवा मेरा योगदान” की भावना से आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर निगम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी रही। महाराजबंध तालाब में हुए श्रमदान के जरिए स्वच्छता और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी का संदेश दिया गया।





