रेलवन ऐप के 4.55 करोड़ डाउनलोड, रोजाना 9.65 लाख टिकट बुक; रेलवे ने 6.68 करोड़ संदिग्ध अकाउंट किए निष्क्रिय

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का रेलवन (RailOne) ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लॉन्च के बाद से अब तक इसे 4.55 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, जबकि ऐप के जरिए प्रतिदिन औसतन 9.65 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
रेल मंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2025 को शुरू किए गए रेलवन ऐप पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुकिंग के साथ प्लेटफॉर्म टिकट, पीएनआर स्टेटस, ट्रेन पूछताछ और रेलमदद जैसी सभी यात्री सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 2.75 लाख आरक्षित और 6.89 लाख अनारक्षित टिकट इस ऐप के माध्यम से बुक किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जून 2025 से जून 2026 के बीच रेलवे ने कुल 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट जारी किए, जिनमें से 57.90 करोड़ (89%) ऑनलाइन और 7.18 करोड़ (11%) काउंटर के माध्यम से बुक किए गए।
रेलवे ने टिकट बुकिंग में पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई सख्त कदम भी उठाए हैं। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल डोमेन और आईपी एड्रेस के आधार पर 6.68 करोड़ से अधिक यूजर अकाउंट निष्क्रिय किए गए, जबकि 6.22 करोड़ से अधिक खातों को पुनः सत्यापन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। रेलवे ने स्पष्ट किया कि केवल आधार लिंक न होने के कारण किसी भी खाते को निष्क्रिय नहीं किया गया।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 (30 जून 2026 तक) राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर संदिग्ध टिकट बुकिंग से जुड़ी 530 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 13,343 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए। तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार सत्यापन और चुनिंदा ट्रेनों में आधार आधारित ओटीपी सत्यापन भी लागू किया गया है।
रेलवे ने साइबर सुरक्षा के लिए एंटी-बॉट तकनीक, कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN), वेब एप्लिकेशन फायरवॉल, डी-डॉस सुरक्षा, 24×7 निगरानी और CERT-In के साथ एकीकृत सुरक्षा तंत्र लागू किया है। पिछले छह महीनों में ई-टिकटिंग सिस्टम पर आने वाले कुल अनुरोधों में औसतन 57.74 प्रतिशत बॉट ट्रैफिक को सफलतापूर्वक रोका गया।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों (2021 से जून 2026 तक) में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने टिकट दलाली के खिलाफ अभियान चलाकर 22,676 दलालों को गिरफ्तार किया और रेलवे अधिनियम के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
वहीं, शिकायत निवारण मंच रेलमदद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6.94 लाख से अधिक मामलों में यात्रियों की सहायता की, जिसमें 89.49 प्रतिशत यात्रियों ने सेवा को उत्कृष्ट या संतोषजनक बताया। पिछले तीन वर्षों में रेलमदद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समाधान की दर लगभग 99.98 से 99.99 प्रतिशत रही।




