Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

मुख्य सचिव ने की लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा: अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी हैं, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाए तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए।

मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबंधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जाएगा और उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना है। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लाई जा सकती हैं, उन्हें चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विभागीय सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्गदर्शन दिया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। राहुल भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्रदाय की जा रही समांतर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने प्रस्तावित करें।

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) आर. संगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, ग्रामोद्योग के सचिव श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button