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छत्तीसगढ़

विधानसभा में दिखा ऐतिहासिक नजारा, मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन का किया भ्रमण, देखी कार्यवाही

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के पांचवें दिन आज एक बेहद खास और सकारात्मक तस्वीर सामने आई. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों ने आज लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा का भ्रमण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा, डीजीपी अरुण देव गौतम सहित अन्य मंत्रियों ने उनसे मुलाकात कर उनका स्वागत किया.

रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आज का दिन खास रहा. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा में लौटे 120 पुनर्वासित नक्सली विधानसभा पहुंचे, जिनमें 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं. अब तक 2500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं. विधानसभा भ्रमण के दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से समझा.

इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनर्वासित नक्सलियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं देते कहा कि लोकतंत्र के प्रति विश्वास दिखाते हुए बड़ी संख्या में नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना प्रदेश के लिए सुखद संकेत है. सरकार की पुनर्वास नीति का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है.

गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे “घर वापसी” की संज्ञा देते हुए कहा कि जो लोग संविधान को मानते हुए लोकतंत्र में भरोसा जता रहे हैं, उनका सरकार स्वागत करती है. आने वाले दिनों में उनके पुनर्वास और विकास के लिए बेहतर कार्य किए जाएंगे.

इस दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भी पुनर्वासित नक्सलियों से मुलाकात की. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को लेकर भी राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए बड़ी संख्या में नक्सली पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं. सरकार ऐसे सभी लोगों का स्वागत करती है जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान और लोकतंत्र का मार्ग अपनाया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी सरकार पुनर्वासित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर काम करती रहेगी.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य, जिसकी समय-सीमा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई है, को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. पुनर्वास के तहत वापस लौटे लोगों के विकास और पुनर्स्थापन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है.

आज विधानसभा परिसर से जो तस्वीर सामने आई, उसने यह संदेश दिया कि बंदूक की राह छोड़कर लोकतंत्र की राह अपनाने वालों के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं.

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