Home
🔍
Search
Videos
Stories
छत्तीसगढ़

राजिम कुंभ कल्प मेला 2026: माघ पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम में आस्था का महासैलाब, पुण्य स्नान के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु

राजिम। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार 01 फरवरी को छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी राजिम में स्थित त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. पैरी, सोढूर और महानदी के पवित्र संगम में तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर माघी स्नान का लाभ प्राप्त किया. इसी के साथ ऐतिहासिक राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ.

सूर्योदय पूर्व संगम में डुबकी, दीपदान से आलोकित हुआ तट

प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित दूर-दराज़ के अंचलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व संगम में आस्था की डुबकी लगाई. धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रातः काल किया गया स्नान विशेष पुण्यदायी माना जाता है. स्नान उपरांत महिलाओं एवं युवतियों ने नदी की रेत में शिवलिंग निर्माण कर नारियल, बेलपत्र, धतूरा, दूध अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने नदी की धारा में दीपदान किया, जिससे संपूर्ण संगम क्षेत्र दीपों की पंक्तियों से जगमगा उठा.

राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में दर्शन को उमड़ी भीड़

दीपदान के बाद श्रद्धालु श्री राजीव लोचन मंदिर एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचे, जहां दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. इसके अलावा श्रद्धालुओं ने लोमश ऋषि आश्रम, भक्तिन माता मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, राजराजेश्वर, दानदानेश्वर एवं बाबा गरीबनाथ महादेव मंदिरों में भी दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया.

12 ज्योतिर्लिंग और पंचकोशी धाम थीम पर आधारित कुंभ कल्प

इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प मेले को बारह ज्योतिर्लिंग एवं पंचकोशी धाम की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया है. यह थीम श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का कार्य करेगी. मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम, कथा वाचन एवं आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा. देशभर से साधु-संत, कथा वाचक और श्रद्धालु इस कुंभ कल्प में भाग लेने पहुंच रहे हैं.

15 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा समापन

01 फरवरी से प्रारंभ हुआ 15 दिवसीय राजिम कुंभ कल्प मेला का समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होगा. 10 फरवरी से 15 फरवरी तक संत समागम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत-महात्मा श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करेंगे. मेले में 09 फरवरी (जानकी जयंती) एवं 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) को विशेष पर्व स्नान का आयोजन भी होगा.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम

मेला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की गई है. प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी में जुटा हुआ है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button